बिहार चुनाव में झामुमो महागठबंधन से अलग हो गया है। झामुमो बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। 6 सीटों में चकाई, धमदाहा, कटोरिया, पिरपैंती, मनीहारी और जमुई शामिल हैं। इसमें कटोरिया और मनिहारी अनुसूचित जनजातीय आरक्षित सीटें हैं, जबकि पिरपैती अनुसूचित जाति सीट है।
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भटटाचार्य ने शनिवार को पार्टी के कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद झारखंड महागंठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस को लेकर समीक्षा बैठक कर कोई बड़ा निर्णय ले सकता है।
सुप्रियो ने दो टूक शब्दों में कहा कि महागठबंधन का यह कृत्य झामुमो के कार्यकर्ताओं के साथ धोखा है। गुरूजी (शिबू सोरेन) ने झामुमो को लड़ना सीखाया है। हमने लड़कर ही बिहार से झारखंड को अलग बनाया है। हम जानते हैं बिहार का जो दलीत और वंचित समाज है, वह गुरूजी के आदर्शों के साथ खड़ा है। बिहार में झाामुमो हेमंत सोरेन की अगुवाई में लड़ेगा और हम चुनाव जीतेंगे। साथ ही हम यह तय करेंगे बिहार की अगली सरकार बगैर झामुमो समर्थन के नहीं बनेगा।
दरअसल, झामुमो ने महागठबंधन से 16 सीटों की मांग की थी। बाद में झामुमो 12 सीटों पर आ गया। सीटों के लिए झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने पटना में बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, झारखंड प्रभारी जय प्रकाश नारायण यादव, भोला यादव और अन्य वरीय नेताओं से मुलाकात भी की थी, लेकिन नतीजा झामुमो के पक्ष नहीं आया और अब झामुमो के नेताओं ने बिहार के छह विधानसभा क्षेत्रों से अपना उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है।
