यूपी की बड़ी खबरें:कानपुर में नाड़े से गला घोंटकर छात्र की हत्या, खेत में मिला शव

Spread the love

कानपुर में एक छात्र की नाड़े से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। उसका शव गांव से करीब 500 मीटर दूर खेत के पास नाली में मिला। शरीर पानी के अंदर और चेहरा बाहर था। किशोर के लोवर के नाड़ा से उसका गला कसा हुआ था। पिता का कहना है- बेटा शनिवार दोपहर लगभग 3 बजे साइकिल लेकर खेत जा गया था। देर शाम तक वापस घर नहीं लौटा तो खोजबीन शुरू की। काफी ढूंढने के बाद वह खेत में मृत मिला। इसके बाद पुलिस को घटना सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पढ़ें पूरी खबर… DDU अस्पताल में कर्मचारी ने महिला को गाली दी..धक्का दिया:डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत, परिजनों से कर्मचारियों ने की बदसलूकी ​अलीगढ़ दीनदयाल उपाध्याय (DDU) संयुक्त चिकित्सालय में शनिवार देर शाम मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजन ने डॉक्टरों और स्टाफ पर ड्यूटी से नदारद रहने का आरोप लगाया। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीज ने दम तोड़ दिया। आरोप है कि अस्पताल कर्मचारी ने तीमारदारों से बदसलूकी भी की। महिला को गंदी-गंदी गालियां दीं। सूचना मिलते ही थाना क्वार्सी पुलिस मौके पर पहुंची और गुस्साई भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया। पढ़ें पूरी खबर…. लेखपाल भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा 21 मई को होगी; एक पद पर 46 उम्मीदवार बुलाए गए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने राजस्व लेखपाल भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा की डेट फाइनल कर दी है। परीक्षा 21 मई, 2026 को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगी। 7994 पदों के लिए परीक्षा में 3 लाख 66 हजार 712 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। यानी एक पद पर औसतन करीब 46 दावेदार हैं। कटऑफ कितनी रही और किस वर्ग की कितनी?
आयोग ने PET स्कोर के आधार पर गुणवत्ता शॉर्टलिस्ट की कटऑफ जारी की थी। अनारक्षित वर्ग (UR), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और अनुसूचित जाति (SC) के अभ्यर्थियों की कटऑफ 55.12 अंक है। अनुसूचित जनजाति (ST) के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ 47.50 अंक रखी गई है। ये कटऑफ PET के अंकों पर आधारित है। निगेटिव मार्किंग होगी
UPSSSC ने लेखपाल मुख्य परीक्षा का सिलेबस और पैटर्न पूरी तरह बदल दिया है। अब अभ्यर्थियों को नए पैटर्न पर तैयारी करनी होगी। इस परीक्षा में कुल 100 प्रश्‍न 100 अंकों के होंगे। उम्‍मीदवारों को 2 घंटे का समय दिया जाएगा, जिसमें मल्टीपल चॉइस (MCQ) के सवाल पूछे जाएंगे। खास बात यह है कि निगेटिव मार्किंग भी है। सिलेबस से मैथ्स को पूरी तरह हटा दिया गया है। डाटा इंटरप्रिटेशन (DI) शामिल रहेगा। 10 अंक के 10 प्रश्न आएंगे। ग्रामीण समाज एवं विकास से सिर्फ 5 मार्क्स (5 प्रश्न) पूछे जाएंगे। पहले 2022 की भर्ती में इससे 25-25 सवाल आते थे। कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी को सिलेबस में जगह दी गई है, यह पहले नहीं था। सामान्य हिंदी का रोल घटा दिया गया है। पहले 25 अंक के सवाल आते थे। अब सिर्फ 10 अंक के सवाल आएंगे। सिलेबस में शामिल विषय भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन भारतीय राजव्यवस्था एवं भारतीय संविधान भारत एवं विश्व का भूगोल भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक विकास राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी एवं आपदा प्रबंधन उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित सामान्य जानकारी (20 अंक) 86 लाख नए मतदाताओं ने आवेदन किया, 44,952 नाम डिलीट, 10 अप्रैल को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत यूपी में 86,69,073 नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए आवेदन मिले हैं। वहीं अब तक केवल 44,952 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से डिलीट किए गए हैं। जिन 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया था, उनमें से 2.89 करोड़ मतदाताओं के जवाब स्वीकार करते हुए उनके नाम मतदाता सूची में शामिल करने की हरी झंडी गई है। यूपी में एसआईआर शुरू होने से पहले 15.44 करोड़ मतदाता थे। एसआईआर के पहले चरण में 6 जनवरी को प्रकाशित मतदाता सूची के मसौदे में 12,55,56,025 मतदाता थे। इनमें से 68843159 पुरुष, 56708747 महिला और 4119 थर्ड जेंडर मतदाता थे। आयोग की ओर से इनमें से 1.04 करोड़ ऐसे मतदाताओं को नोटिस दिया गया था। जिन्होंने 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं कराया था। वहीं 2.22 करोड़ ऐसे मतदाताओं को नोटिस दिया गया, जिनके आवेदन में अलग-अलग तरह की विसंगतियां थी। इस तरह कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया। 14 जनवरी से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई। आयोग की ओर से सभी मतदाताओं के नोटिस जारी हो गए हैं, 93.8 फीसदी मतदाताओं को नोटिस सौंप भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि 6 मार्च तक 85.8 फीसदी मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। सीई्ओ नवदीप रिणवा ने बताया कि सुनवाई के बाद 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने योग्य पाए गए हैं। आयोग की ओर से 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियों के लिए समय निर्धारित किया गया था। लेकिन आयोग को 27 अक्टूबर से ही दावे और आपत्तियां मिलने लगी थी। 27 अक्टूबर से 6 मार्च तक आयोग को नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए कुल 86,69,073 फार्म 7 प्राप्त हुए। इनमें 43,06,36 पुरुष, 43,62,323 महिला और 386 तृतीय लिंग मतदाता हैं। 18 से 29 वर्ष की आयु के 57,30,989 मतदाताओं ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है। 3.18 करोड़ दावे आपत्तियां मिली
सीईओ ने बताया कि 27 अक्टूबर से 6 फरवरी दावे और आपत्तियों के लिए 318140 फार्म 7 मिले हैं। इनमें 186362 पुरुष, 1,31,766 महिला और 12 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। संशोधन के लिए मिले 22,55,473 फार्म 7
सीईओ ने बताया कि मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र सहित अन्य संसोधन के लिए 22,55,473 फार्म 7 मिले हैं। इनमें पता बदलने के लिए 156313, नाम, उपनाम संशोधन के लिए 20,25,611, ईपिक संशोधन के लिए 71,536 और दिव्यांग मतदाताओं को चिन्हांकन के लिए 2013 फार्म 7 मिले हैं। नाम कटने का हल्ला ज्यादा, हकीकत कम
सीईओ ने बताया कि 27 अक्टूबर से 6 मार्च तक 44952 नाम डिलीट हुए हैं। इनमें 27118 मतदाताओं के नाम दूसरी जगह की मतदाता सूची में शामिल होने के कारण डिलीट हुए हैं। 1,00,14 नाम स्वयं के आवेदन से कटे हैं। 7820 नाम दूसरे के आवेदन पर कटे हैं