भिवानी टीचर मनीषा डेथ मिस्ट्री-CBI वादे पर नहीं उतरी खरी:पिता बोले- CM से लगाएंगे न्याय की गुहार; मुलाकात को 11 सदस्यीय कमेटी गठित

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भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी करीब 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में अब परिवार व ग्रामीणों ने मिलकर कमेटी का गठन किया है। अब वह कमेटी मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी और मांग करेगी कि मनीषा मौत मामले में खुलासा करने की डिमांड की जाएगी। इससे पहले 31 जनवरी तक सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को इस मामले में खुलासा करने का अल्टीमेटम दिया गया था। लेकिन अभी तक खुलासा नहीं करने के चलते 31 जनवरी को गांव में पंचायत की। जिसमें मनीषा का परिवार व गांव के अनेक लोग शामिल हुए। जिसमें एक कमेटी बनाई गई। जिसमें गांव के 11 लोगों की कमेटी बनाई गई। वहीं इसके अलावा आसपास के गांवों के 2-2 सदस्य, जिसमें से एक सरपंच व एक अन्य को शामिल किया गया है। यह कमेटी मुख्यमंत्री से टाइम लेकर जल्द से जल्द मुलाकात करेगी। इस दौरान मांग करेंगे कि मनीषा मौत मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) जल्द से जल्द खुलासा करे। CBI ने मांगा था 90 दिन का समय
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि गांव की पंचायत हुई थी। जिसमें फैसला लिया कि अब कमेटी मुख्यमंत्री से मिलेगी और मांग रखी जाएगी कि इस मामले में जल्द से जल्द खुलासा किया जाए। संजय कुमार ने कहा कि सीबीआई को 31 जनवरी तक का समय दिया गया था। लेकिन सीबीआई द्वारा कोई भी खुलासा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सभी रिपोर्ट आ चुकी हैं और मामला स्पष्ट हो चुका है, लेकिन अभी तक खुलासा नहीं हो पाया। उसकी बेटी को आज तक न्याय नहीं मिल पाया है। सीबीआई की जांच भी चल रही है। सीबीआई ने 90 दिन का टाइम मांगा था, जो कब का पूरा हो चुका है। जबकि सीबीआई जांच को शुरू हुए करीब 5 माह हो चुके हैं। । लेकिन सीबीआई खुलासा नहीं कर रही, पता नहीं क्यों नहीं कर रही। 11 अगस्त को लापता हुई, 13 अगस्त को शव मिला
संजय ने बताया था कि उसकी बेटी मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बार वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर गई थी। जिसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला। इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। लोगों ने मनीषा को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया। वहीं 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। इसके बाद लोगों का विरोध बढ़ गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाया और जांच CBI को सौंप दी। भिवानी 4 दफा जांच के लिए पहुंच चुकी CBI
बता दें कि पुलिस द्वारा जांच के बाद हरियाणा सरकार ने इस मामले को CBI को सौंप दिया था। जिसके बाद 3 सितंबर को CBI की टीम भिवानी पहुंची। टीम जांच के लिए 4 बार भिवानी आ चुकी है और अपने स्तर पर जांच कर चुकी है। इसके बाद वह दिल्ली लौट गई। सीबीआई के भिवानी पहुंचने के बाद 107 दिन हो चुके हैं, लेकिन CBI की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल जानकारी सांझा नहीं की है।