भारतीय मजदूर संघ ने विश्वकर्मा जयंती को राष्ट्रीय श्रम दिवस घोषित करने की मांग की। इसके साथ दिल्ली सरकार से
तीन महीने में संविदा कर्मचारियों को पक्का करने का भी आग्रह किया। बुधवार को संघ ने जंतर-मंतर तक रैली निकाली और भगवान विश्वकर्मा जयंती मनाई। इस दौरान संघ ने दिल्ली सरकार के सामने अपनी मांगें रखी।
भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री डॉ दीपेंद्र चाहर ने दिल्ली सरकार से दिल्ली परिवहन निगम सहित शिक्षा विभाग, विद्युत विभाग, जल बोर्ड, दिल्ली सचिवालय सहित सभी संविदाकर्मियों को तीन महीने में स्थाई करने की मांग रखी। इसके साथ दिल्ली सरकार से एक लाख 20 हजार संविदा कर्मियों के लिए सेवा सुनिश्चितता बिल तहत 58 साल तक स्थाई नौकरी, डीए, बोनस सर्विस बुक, स्वास्थ्य सुविधा सहित सभी सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। इसी प्रकार दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, दिल्ली छावनी बोर्ड भारत सरकार, पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर भी 5 साल से अधिक कार्य कर रहे सभी कॉन्ट्रैक्ट (संविदा कर्मी) को पक्की नौकरी देने की मांग की। पुरानी पेंशन बहाली, आश्रितों को नौकरी देने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने मीडिया को जारी एक बयान में कहा कि
यदि तीन महीने में सरकार ने संघ की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो भारतीय मजदूर दिल्ली की सड़कों पर उतरेगा। इस अवसर पर
संतोष कुमार सिंह पोस्टल, बी एस भाटी (एनडीएमसी), मूलचंद (एमसीडी), विजेंद्र (डीटीसी), संजय( मदर डेरी), राजेंद्र सोनी (ऑटो टैक्सी), योगेंद्र राय (वशिष्ठ नागरिक परिसंघ), जंग बहादुर (असंगठित क्षेत्र) सहित दिल्ली के प्रमुख श्रमिक नेताओं ने जंतर- मंतर पर अपने विचार रखें ।
