अजमेर में बंगाली समाज ने विजयादशमी पर किया सिंदूर खेला

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पांच दिवसीय नवरात्र महोत्सव के समापन अवसर पर बंगाली समाज की महिलाओं ने दुर्गा मां के चरणों का दर्पण में दर्शन कर उन्हें मिष्ठान अर्पित किया तथा एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पारंपरिक नृत्य किया। इस परंपरा को निभाते हुए मां दुर्गा को मायके से विदा कर उनके ससुराल लौटने की मान्यता के साथ श्रद्धालुओं ने उत्सव का समापन किया।

बंगाली समाज की महिला सपना बनर्जी ने बताया कि मान्यता के अनुसार मां दुर्गा नवरात्रि के पांच दिन अपने मायके आती हैं और विजयादशमी के दिन विदा लेकर पति के पास लौट जाती हैं। इसी परंपरा को निभाने के लिए वर्षों से अजमेर में सामूहिक रूप से नवरात्र महोत्सव मनाया जाता है।

जिलेभर में भी विजयादशमी के अवसर पर विभिन्न समाजों की ओर से माता दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन ढोल-नगाड़ों के बीच हर्षोल्लास के साथ किया गया। वहीं, अधर्म पर धर्म की जीत के इस पर्व पर जगह-जगह रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित हुए। नगर निगम की ओर से जिला स्तरीय मुख्य आयोजन पटेल मैदान में हुआ।

इस परंपरा की मान्यता है कि सिंदूर खेला से घर-परिवार में सुख-समृद्धि, दीर्घायु और स्वास्थ्य प्राप्त होता है।