बैडमिंटन कोर्ट के रखरखाव और संचालन के लिए जारी ई-टेंडर पर रोक, मांगा जवाब

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याचिका में अधिवक्ता महेन्द्र शांडिल्य ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता बैडमिंटन की राष्ट्रीय स्तर की जूनियर प्लेयर है। वह एसएमएस स्टेडियम में बने बैडमिंटन कोर्ट में अभ्यास करती है। याचिका में कहा गया कि खेल परिषद ने गत 18 अगस्त को बैडमिंटन के इनडोर कोर्ट के रखरखाव और संचालन के लिए ई-टेंडर आमंत्रित किए। इसके तहत प्रति खिलाडी प्रति घंटा पन्द्रह सौ रुपए और कोच की सुविधा के साथ तीन हजार रुपए प्रति घंटा की दर से फीस तय की गई। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता और उस जैसे अन्य राष्ट्रीय जूनियर प्लेयर को दिन में करीब छह घंटा अभ्यास करना होता है। ऐसे में वह इतनी बडी राशि फीस के तौर पर खेल परिषद या उनकी ओर से अधिकृत व्यक्ति को अदा नहीं कर सकते हैं। याचिका में कहा गया कि बैडमिंटन का यह इनडोर कोर्ट इस खेल से जुड़े खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए बनाया गया था, ताकि वे हर मौसम में बिना रुकावट यहां अभ्यास कर सके। अब यहां अभ्यास के लिए भारी-भरकम शुल्क लगाने से खिलाडियों का अभ्यास प्रभावित होगा। इसलिए इस कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए ई-टेंडर की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।