गुरुग्राम शहर में सेक्टर-31 की मार्केट में जर्मनी से लौटे मेडिकल साइंटिस्ट अपने बेरोजगार दोस्त की मदद के लिए अपनी लग्जरी कार से बेकरी का सामान बेच रहे हैं। अवधेश नामक साइंटिस्ट अपने दोस्त के ठीक से सेटल होने तक वह वापस जर्मनी नहीं लौटेंगे। उनके द्वारा कार की डिग्गी में सामान रखकर बेचने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दैनिक भास्कर एप ने चटकारा ऑन व्हीलस के रजत से बात की। उन्होंने बताया कि उसका दोस्त अवधेश जर्मनी में रहता है और मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट है। नवंबर में वह अपनी बहन की शादी में इंडिया आया था, उस समय उसकी जॉब चली गई थी और फैमिली में भी इश्यू था। जिसके कारण वह परेशान था। अवधेश ने उसे मोटिवेट किया और आइडिया दिया कि वह अपना खुद का काम करे, उसने मदद करते हुए अपनी लग्जरी कार में खुद ही सेक्टर-31 में बेकरी प्रोडक्ट बेचना शुरू किया। उनका कहना है कि मुसीबत में दोस्त ही दोस्त काम आता है। मुझे भी वायरल वीडियो के बारे में पता चला है और खुशी इस बात की है कि मेरे पास इतना शानदार दोस्त है। अब जानिए वायरल वीडियो में क्या… जीप मेरिडियन में बेकरी आइटम: हर्ष चौहान नाम के शख्स द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो क्लिप में एक व्यक्ति को सेक्टर-31 मार्केट में 37 लाख रुपए की Jeep Meridian कार के पिछले हिस्से (बूट) से बेकरी आइटम बेचते हुए दिखाया गया है। वीडियो में दावा किया गया है कि यह व्यक्ति जर्मनी से लौटा मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट अवधेश है, जो अपने दोस्त की मदद के लिए यहां आया हुआ है। मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट बेच रहा सामान: वीडियो में यूजर ने कहा कि “भाई 37 लाख रुपए की गाड़ी है, ठीक है, ये देख रहे हो, Jeep Meridian है। ये शख्स जर्मनी में 7 साल से मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट है। अब इनके दोस्त की जॉब चली गई, उसको सपोर्ट करने के लिए अपनी 37 लाख रुपए की गाड़ी में सामान बेच रहे हैं भाई। दोस्त ही दोस्त के काम आता है: “पीछे देखो, खड़े होकर सामान सेल कर रहे हैं भाई। यहां से इतनी सारी चीजें सीखने को मिलती हैं कि 21वीं सदी में, जहां भाई का भाई नहीं है और लोग पीठ में छुरा मारने को तैयार रहते हैं, वहां ऐसे दोस्त भी होते हैं। सेक्टर-31 मार्केट में बनाया वीडियो: इस वायरल वीडियो में ये भी सुनाई देता है कि “भाई ये सेक्टर 31 का मार्केट है, यहां अपनी इतनी महंगी गाड़ी लगा के सिर्फ दोस्त को सपोर्ट करने के लिए सामान बेच रहे हैं और ये देखो, बॉम्बोलोनी जर्मनी से सीख के लाए थे, फिर यहां लगाया। दोस्त के लिए जानबूझ कर जर्मनी नहीं लौटा रजत ने बताया कि अवधेश वह अपनी बहन की शादी में आया था, लेकिन अब उसकी मदद के लिए उन्होंने अपनी जॉब को जानबूझकर होल्ड कर लिया है, ताकि दोस्त को स्थिर आय का जरिया बना सकें। अवधेश का कहना है कि जब तक मेरे दोस्त के लिए यहां भारत में सब कुछ सेटअप नहीं हो जाता, मैं जर्मनी वापस नहीं लौटूंगा। अभी मैंने अपनी जॉब से ब्रेक ले लिया है। फूड वेंचर को नाम दिया चटकारा ऑन व्हीलस अवधेश ने अपने दोस्त रजत को ‘Chatkaraa on Wheels’ नाम से एक छोटा फूड वेंचर शुरू करने में मदद की। यह नाम अवधेश ने ही दिया है और वे अपनी कार को अस्थायी स्टॉल बनाकर मार्केट में ग्राहकों को सीधे बेकरी प्रोडक्ट्स बेच रहे हैं। यूजर कर रहे कमेंट्स यह वीडियो ऑनलाइन काफी सराहा जा रहा है। कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इस प्रयास की तारीफ की, तो कुछ ने मुश्किल वक्त में भरोसेमंद दोस्त होने की अहमियत पर विचार व्यक्त किए। एक यूजर ने लिखा, “ऐसे दोस्त किस्मत से ही मिलते हैं, अगर कभी मिल जाए तो उनका मूल्य समझो।” दूसरे ने कहा, “ये सिर्फ दोस्ती नहीं है, ये तो इंसानियत है।” एक और यूजर ने लिखा, “आज के स्वार्थी दुनिया में ऐसा दोस्त सिर्फ बेहद भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है।”
गुरुग्राम में लग्जरी कार में बेच रहा बेकरी प्रोडक्ट, Video:दोस्त की गई जॉब, जर्मन से लौटे मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट ने की मदद
