हरियाणा के पूर्व MLA छोक्कर की जमानत याचिका रिजेक्ट:मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने किया था अरेस्ट; माहिरा ग्रुप प्रोजेक्ट में धन का दुरुपयोग

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गुरुग्राम में माहिरा ग्रुप के प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने पानीपत के समालखा के पूर्व विधायक धर्म सिंह छोक्कर की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। स्पेशल जज (पीएमएलए) वाणी गोपाल शर्मा की कोर्ट ने बेल एप्लिकेशन रिजेक्ट की है। नियमित जमानत पर विचार करते हुए कोर्ट ने पीएमएलए की धारा 45 के तहत लागू ट्विन कंडीशन का उल्लेख किया और कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से यह मानने के पर्याप्त आधार नहीं बनता कि आरोपी प्रथम दृष्टया निर्दोष है या जमानत पर रहते हुए कोई अपराध नहीं करेगा। अदालत ने माना कि माहिरा ग्रुप की परियोजनाओं में फर्जी बैंक गारंटी, होम बायर्स से जुटाई गई बड़ी रकम के कथित दुरुपयोग और धन के लेन-देन को लेकर गंभीर आरोप हैं। पूर्व विधायक के दोनों तर्क खारिज किए कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी की जांच के दौरान कथित असहयोग, समन से बचने और गैर-जमानती वारंट जारी होने जैसे तथ्य जमानत के पक्ष में नहीं जाते। सह-आरोपी को मिली जमानत के आधार पर समानता (पैरिटी) का तर्क भी अदालत ने स्वीकार नहीं किया। इसी आधार पर कोर्ट ने दोनों ही प्रकार की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश में की गई टिप्पणियां मुकदमे के गुण-दोष पर अंतिम राय नहीं मानी जाएंगी। भौंडसी जेल में बंद है पूर्व विधायक धर्म सिंह छोक्कर ( 62 वर्ष) समालखा से पूर्व विधायक हैं और वर्तमान में भोंड़सी जेल में बंद हैं। उन पर ‘माहिरा ग्रुप’ की कंपनियों के माध्यम से घर खरीदारों से करोड़ों रुपए (लगभग ₹360 करोड़) जुटाने, फर्जी बैंक गारंटी जमा करने और उस धन की लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है। ईडी ने उन्हें 5 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क कोर्ट में धर्मसिंह छोक्कर की तरफ से तर्क दिया गया कि हरियाणा पुलिस ने मुख्य अपराध में उन्हें निर्दोष पाया है। उन्होंने दावा किया कि वे माहिरा ग्रुप की कंपनियों में न तो निदेशक थे और न ही शेयरधारक, बल्कि उनके बेटे सिकंदर सिंह मुख्य रूप से व्यवसाय संभालते थे। उनके बेटे सिकंदर सिंह को पहले ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्होंने भी समानता (Parity) जमानत की मांग की। उन्होंने ये भी तर्क दिया कि 60 दिनों के भीतर जांच पूरी किए बिना ही पूरक शिकायत (Supplementary Complaint) दर्ज की गई, जो उनके कानूनी अधिकार का उल्लंघन है। ED ने किया विरोध उनकी जमानत याचिका पर ED ने कहा कि धर्म सिंह छोक्कर परिवार के मुखिया हैं और माहिरा ग्रुप उनके प्रभाव में काम करता था उन पर आरोप है कि घर खरीदारों के धन का उपयोग उनकी बेटियों की शादी और व्यक्तिगत संपत्तियों की खरीद के लिए किया गया। ED ने बताया कि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया और कई बार समन भेजने के बावजूद पेश नहीं हुए।