मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बैंक अधिकारियों ने बताया कि इन आश्रय स्थलों को आपदा प्रभावित परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इनमें तापरोधी इन्सुलेशन, पीसीसी फर्श, रसोई स्लैब और बुनियादी विद्युत फिटिंग की व्यवस्था होगी, जिससे विस्थापित परिवारों को सुरक्षित, आरामदायक और सम्मानजनक आवास मिल सकेगा।
इसके साथ ही एक्सिस बैंक 15 सामुदायिक शौचालय इकाइयां भी स्थापित करेगा। प्रत्येक इकाई में तीन से छह परिवारों के उपयोग के लिए शौचालय सुविधा उपलब्ध होगी। इन शौचालयों में पानी की टंकियां, स्टेनलेस स्टील के सिंक और सीपीवीसी पाइप की फिटिंग की जाएगी ताकि स्वच्छता और सफाई का उचित ध्यान रखा जा सके।
बैंक प्रभावी कार्यान्वयन के लिए लॉजिस्टिक्स और प्रशासनिक सहयोग भी प्रदान करेगा, जिसमें लाभार्थियों की पहचान, कार्यों का पर्यवेक्षण और परियोजना के प्रभाव का मूल्यांकन शामिल होगा। बैंक ने विशेष रूप से वृद्धजनों, बच्चों, दिव्यांगजनों और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों की जरूरतों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।
ये आश्रय स्थल न केवल वर्तमान आपदा राहत में मददगार होंगे बल्कि भविष्य की किसी भी आपात स्थिति में पुनः उपयोग के लिए टिकाऊ रूप से डिजाइन किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस पहल के लिए एक्सिस बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास में बड़ी सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्यों में निजी संस्थानों की इस तरह की साझेदारी का स्वागत करती है।
