शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एक बार फिर आशुतोष महाराज कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने प्रयागराज स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में वाद दायर कर शंकराचार्य की गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा रोकने की मांग की है। उन्होंने मांग किया है कि शंकराचार्य को सीतापुर पहुंचने से रोका जाए। शंकराचार्य की गौ यात्रा सोमवार शाम को सीतापुर पहुंचेगी। उधर, आशुतोष महाराज पर रविवार को चलती ट्रेन में हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने ट्रेन में मौजूद 4 यात्रियों से पूछताछ भी की है। हालांकि, पूछताछ में क्या जानकारी सामने आई है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। दरअसल, रविवार को आशुतोष महराज रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज आ रहे थे। उनका रिजर्वेशन एसी फर्स्ट में था। सिराथू रेलवे स्टेशन के पास टायलेट के पास उन पर अज्ञात लोगों ने हमला किया। धारदार हथियार से नाक काटने की कोशिश हुई थी। आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक, वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे और ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया। वहीं से उन्होंने जीआरपी को फोन कर घटना की जानकारी दी। आशुतोष महाराज वही हैं, जिन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR दर्ज करवाई थी। देखिए 3 तस्वीरें… आशुतोष महाराज बोले- शंकराचार्य का पासपोर्ट रद्द किया जाए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गौ यात्रा रोकने के लिए प्रयागराज स्पेशल पॉक्सो कोर्ट पहुंचे आशुतोष महाराज ने पासपोर्ट भी रद्द करने की मांग की है। उन्होंने अपने दायर वाद में कहा- यात्रा के दौरान रील बनाई जा रही है। सीतापुर जाने से उनकी यात्रा को रोका जाए क्योंकि उनके खिलाफ बयान दर्ज कराने वाले बटुक हरदोई जिले के हैं। इससे बटुक दहशत में हैं। जानिए हमला के बाद आशुतोष महाराज ने क्या बताया… आशुतोष महाराज ने बताया- मैं रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट AC कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 5 बजे टॉयलेट के लिए उठा। गेट के पास एक आदमी खड़ा था। जैसे ही मैं आगे बढ़ा, उसने पीछे से मुझ पर हमला कर दिया। उसने धारदार हथियार से मेरी नाक काटने की कोशिश की और चेहरे व हाथ पर कई वार किए। इससे मुझे गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे और ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया। वहीं से उन्होंने जीआरपी को फोन कर घटना की जानकारी दी। आशुतोष महाराज बोले- अविमुक्तेश्वरानंद ने हमला करवाया FIR दर्ज करवाने के बाद आशुतोष महाराज सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने दैनिक भास्कर से बात की। कहा- वेस्ट यूपी संयोजक सुधांशु सोम के साथ फर्स्ट AC के H1 कोच में बैठा था। सुबह बाथरूम जाते वक्त पीछे मुझ पर हमला किया। जान बचाने के लिए उससे हाथापाई की। हमलावर अकेला था। बॉडी बिल्डर जैसा था। उसने कोई नकाब नहीं पहन रखा था। उसे देखते ही पहचान लूंगा। शायद वो गाजियाबाद से ही पीछा कर रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि ट्रेन के बाहर और भी हमलावर हो सकते हैं। यही सोचकर पहले जीआरपी को सूचना दी, फिर बाथरूम से बाहर आया। उन्होंने शंकराचार्य पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा- अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट में सबूत न पेश कर पाऊं, इसलिए हमला करवाया। उसे पता है कि सबूत देखने के बाद कोर्ट से जमानत नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस कार्रवाई कर रही है। मेरा मेडिकल हो चुका है। कुछ और ट्रीटमेंट बचा है। सांस लेने में तकलीफ है। इसके लिए जिला हॉस्पिटल रेफर किया है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं आशुतोष महाराज आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली के कांधला कस्बे के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर थे।आशुतोष महाराज कांधला के प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े। वर्तमान में वह इसके प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे मंदिर में पुजारी हैं। 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह संन्यासी जीवन जी रहे हैं। अब जानिए शंकराचार्य के साथ आशुतोष महाराज का विवाद अब पढ़िए शंकराचार्य ने आशुतोष महाराज पर हमले के बाद क्या कहा? शंकराचार्य ने रविवार को कहा था- ट्रेन का अटेंडेंट कह रहा है कि बाथरूम में गए तब तक तो ठीक थे, बाहर निकलने के बाद इनका यह हाल हो गया। बाहर आने के बाद किसने मार दिया बताइए। यह बनावट है, माहौल बनाने के लिए, सुरक्षा पाने के लिए। दूसरी बात- क्या भारत सरकार की रेल सुरक्षित नहीं रह गई है। आशुतोष हों या कोई और, अगर कोई टिकट लेकर यात्रा कर रहा है तो सुरक्षा में लगी जीआरपी कहां है, कैसे हमला हो जाएगा। इसका जवाब केंद्र को देना होगा। आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया है कि वो सबूत देने जा रहे थे, इसलिए हमला हुआ। इस पर कहा था कि निष्पक्ष जांच हो, दूध का दूध और पानी का पानी किया जाए। जो शुरू से ही जांच के साथ है, वो हमला क्यों करवाएगा। हम तो यात्रा लेकर निकले हैं, हमें क्या पता वो कब कहां जा रहे हैं। ऐसे में हमारे ऊपर आरोप लगाने का मतलब सिर्फ मीडिया का अटेंशन पाना है। यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश है। ये भी पढ़ें… आशुतोष महाराज बोले-21 लाख के लिए मुझ पर हमला किया:अविमुक्तेश्वरानंद अखिलेश यादव के गुरु, मेरे पास शंकराचार्य के खिलाफ तगड़े सबूत ’21 लाख रुपए की लालच में मुझ पर हमला किया और कराया गया। मुझे कोर्ट तक पहुंचने और सबूत देने से रोकने के लिए यह साजिश रची गई।’ यह दावा जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने किया। आशुतोष रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे कौशांबी में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर जानलेवा हमला हुआ। पूरा इंटरव्यू पढ़िए…
शंकराचार्य की यात्रा के खिलाफ कोर्ट पहुंचे आशुतोष महाराज:कहा- पीड़ित बटुक दशहत में; ट्रेन में हमले मामले पर FIR, 4 यात्रियों से पूछताछ
