अशोकनगर कलेक्टर हटे, साकेत मालवीय को जिम्मेदारी:3 करोड़ की रिश्वत के आरोपों के बीच एक्शन; दिन में सम्मान करने का ऐलान हुआ था

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मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार रात आदेश जारी कर अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह का तबादला कर दिया है। उनकी जगह साकेत मालवीय को अशोकनगर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, निवर्तमान कलेक्टर आदित्य सिंह को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रस्ट ने लगाए थे 3 करोड़ मांगने के आरोप यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है, जब दो दिन पहले ही आनंदपुर ट्रस्ट द्वारा तत्कालीन कलेक्टर आदित्य सिंह के खिलाफ दिल्ली पीएमओ में शिकायत करने की बात सामने आई थी। उन पर ट्रस्ट से तीन करोड़ रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया था। इन आरोपों के बाद से ही कलेक्टर के तबादले की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, इस शिकायत का कोई आधिकारिक पत्र अभी तक सामने नहीं आया है। दिन में सम्मान का ऐलान, रात में ट्रांसफर दिलचस्प बात यह है कि बुधवार दिन में ही कलेक्टर आदित्य सिंह को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए 25 जनवरी को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी। उनके तबादले की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर लोगों ने उनका समर्थन भी किया था। बुधवार को उनके समर्थन में एक आमसभा आयोजित करने की भी तैयारी चल रही थी, लेकिन रात होते-होते उनके तबादले का आदेश आ गया। साइकिल से गांव-गांव की यात्रा की
कलेक्टर आदित्य सिंह अपनी कार्यप्रणाली को लेकर काफी सख्त रहे हैं। वे गांव-गांव जाकर सप्ताह के दो या तीन दिन दौरा करते थे। लोगों के बीच जाकर समस्याएं सुनते थे। कई बार साइकिल से भी ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करते थे। लोगों के घर जाकर समस्या सुनते थे। साथ ही स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों का लगातार निरीक्षण करते रहे हैं। बारिश के दौरान आधी रात को बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू करवाने के लिए खुद मौके पर पहुंचे थे। इस तरह की कार्य प्रणाली के चलते वे काफी लोक प्रिय रहे हैं। उनके कार्यकाल में जनसुनवाई में आवेदकों की संख्या बढ़कर 1200 तक हो गई थी। कलेक्टर के बेहतर कार्यों के चलते केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी खुले मंच से कई बार तारीफ कर चुके हैं।