अनूपपुर: दोहरे हत्याकांड का खुलासा, 5 लाख में सुपारी देकर की माता-पिता की हत्या, 05 गिरफ्तार

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बेटे ने पहले पुलिस को किया गुमराह

आरोपी आलोक पटेल ने घटना के बाद पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वह घटना के दौरान खेत जोतने के लिए रात में चला गया था। पुलिस के मुताबिक वह गुमराह कर रहा था। वह अन्य आरोपियों के साथ ही हत्या वाली रात मौजूद था। उसने सीमा बैगा पर प्रहार करते हुए उसे मौत के घाट उतारा था।

बचपन से करते थे भेदभाव- आरोपी

राजेंद्र पटेल ने पहली पत्नी पार्वती को छोड़कर रूपा पटेल से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी के बेटे आलोक का आरोप था कि पिता और सौतेली मां बचपन से उसके साथ भेदभाव करते थे। परिजन अक्सर उसे डांटते और यह कहते थे कि जमीन-जायदाद छोटे बेटे आयुष के नाम होगी। इसी नाराजगी ने उसके मन में गुस्सा भर दिया था।

18वें जन्मदिन पर डांटा तो रची साजिश

25 नवंबर को 18वें जन्मदिन पर पिता ने दोस्तों संग बाहर जाने पर आलोक को डांटा और थप्पड़ भी मारा। इससे नाराज होकर उसने अपने 16 वर्षीय दोस्त से संपर्क किया और पिता-सौतेली मां की हत्या के लिए लड़के तलाशने को कहा। 4 दिसंबर को उसकी मुलाकात एक अन्य नाबालिग से हुई और 5 लाख रुपए में डील तय हुई। पूरी बातचीत एक नाबालिग ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जो पुलिस के लिए अहम सबूत बना।

रात 1 बजे घर में घुसे, सोते पर कर दिया हमला

प्लान के अनुसार मुख्य नाबालिग आरोपी ने अपने साथी देवेंद्र सोनवानी और एक अन्य 17 वर्षीय किशोर को भी शामिल कर लिया। 9-10 दिसंबर की रात करीब 1 बजे सभी लखनपुर पहुंचे, जहां आलोक उनसे मिला। इसके बाद कुल्हाड़ी, वसूला, लाठी और सिलबट्टे के बट्टे से सोते हुए राजेंद्र, रूपा और नौकरानी सीमा बैगा पर हमला कर दिया।

पिता और नौकरानी की मौत, सौतेली मां गंभीर

हमले में राजेंद्र पटेल और सीमा बैगा की मौके पर मौत हो गई। गंभीर घायल रूपा पटेल को ग्रामीणों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें शहडोल और फिर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। उनकी हालत अभी भी गंभीर है और वे बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।

सभी आरोपी गिरफ्तार 3 नाबालिग भी

पुलिस ने दोहरी हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में आलोक सहित 2 नाबालिगों को गुरूवार को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं शुक्रवार को की दोपहर फरार अरोपी देवेन्द्र सोनवानी व 1 नाबालिक को भी गिरफ्तार कर लिया। साथ ही घटना में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, वसूला और मोबाइल भी जप्त कर लिए गए हैं।

पुलिस टीम को मिलेगा 30 हजार का इनाम

पुलिस उप महानिरीक्षक डीआईजी सविता सोहाने ने टीम को 30 हजार का इनाम देने की घोषणा की है। पूरी घटना में एसपी मोती उर रहमान के नेतृत्व में एसडीओपी सुमित केरकेट्टा, कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन, उपनिरीक्षक अजय तेकाम, सहायक उपनिरीक्षक पवन प्रजापति, रघुराज सिंह, प्रधान आरक्षक शिवशंकर प्रजापति, महेन्द्र राठौर, शेख रसीद, राजकुमार साहू, आरक्षक प्रकाश तिवारी, अमित यादव, दीपक बुंदेला, अनूप पुषाम, दिलीप सिंह, अब्दुहल कलीम, कमलेश रैदास, संजय सिंह, महिला आरक्षक कुंती शर्मा, जानकी, सायबर सेल अनूपपुर, के प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार, आरक्षक पंकज मिश्रा की टीम को त्वरित कार्रवाई कर मामले का खुलासा किया गया।