प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बताए गए ‘पंच-प्राण’ इस प्रकार हैं -2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना, औपनिवेशिक मानसिकता के निशान मिटाना, भारत की समृद्ध विरासत पर गर्व करना,एकता एवं एकजुटता की भावना पर गर्व करना, प्रत्येक नागरिक द्वारा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना सम्मिलित हैं।
अपर मंडल रेल प्रबंधक ने रुपेश कुमार ने अमृत-संवाद के माध्यम से यात्री अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए सुधार के क्षेत्रों की पहचान की तथा यात्रियों को उनके कर्तव्यबोध, रखरखाव और स्वच्छता में सहभागी बनने हेतु प्रेरित किया गया। यह संवाद ‘ रेलवे पंच-प्राण’ की एक व्यवहारिक अभिव्यक्ति है, जो अमृत काल में भारत की प्रगति को आकार देने में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करता है। जन संवाद कार्यक्रम को आयोजित करने हेतु यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों ने संतुष्टि जताते हुए अपर मंडल रेल प्रबंधक का आभार व्यक्त किया।
