ग्राम रायपुरा (जिला सक्ती) निवासी किसान बुधराम धीवर ने 16 अक्टूबर को एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी और उसकी बहन की ग्राम कोसमंदा स्थित जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अधिगृहित की गई थी। इसके बदले उन्हें अगस्त 2025 में ₹35,64,099 की मुआवजा राशि संयुक्त बैंक खाते में प्राप्त हुई थी। मुआवजा जारी होने के बाद भू-अर्जन शाखा के अमीन पटवारी बिहारी सिंह और ऑपरेटर राजकुमार देवांगन ने किसान से ₹1,80,000 की रिश्वत की मांग की थी।
किसान ने रिश्वत देने से इंकार करते हुए एसीबी में शिकायत कर दी। शिकायत की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। आज, 30 अक्टूबर को किसान को तय रकम लेकर कार्यालय भेजा गया। जैसे ही आरोपी अमीन पटवारी ने रकम अपने हाथ में ली, एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश दी और दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई डीएसपी एसीबी अजितेश सिंह के नेतृत्व में की गई। मौके से पूरी रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई।
अचानक हुई इस कार्रवाई से एसडीएम कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसीबी सूत्रों के अनुसार, यह बिलासपुर एसीबी की पिछले डेढ़ साल में लगातार 36वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है। एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
