पश्चिमी-यूपी के लिए एम्स, बुंदेलखंड में IIT बने:बजट से ज्यादा उम्मीदें, जानिए चुनावी साल से पहले यूपी ने केंद्र से क्या मांगा

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यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव है। मोदी सरकार आज आम बजट पेश करेगी। इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, वित्त मंत्रियों और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिवों के साथ प्री-बजट बैठक की थी। यूपी से वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार इसमें शामिल हुए थे। सुरेश खन्ना ने यूपी में कानून व्यवस्था, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला, किसान सहित 33 सेक्टर के लिए बजट की मांग रखी थी। इसके बाद सभी राज्यों ने अपनी-अपनी डिमांड केंद्र को भेजी है। यूपी की योगी सरकार ने आबादी के आधार पर केंद्रीय करों में ज्यादा हिस्सेदारी मांगी है। पश्चिमी यूपी में बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए एक एम्स की मांग की गई है। वहीं, केंद्र की महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल नमामि गंगे की बकाया राशि भी मांगी गई है। बढ़ते शहरीकरण के चलते शहरों में आधारभूत सुविधाओं के लिए भी बजट मांगा गया है। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले केंद्र के 2021 के बजट में यूपी को खास पैकेज मिले थे। तब वाराणसी और नोएडा के लिए मेट्रो परियोजनाओं, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए धन और पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए वित्तीय सहायता मिली थी। इसी तरह की सौगात पिछली बार बिहार को भी मिली थी। उम्मीद है, इस बार चुनाव को देखते हुए यूपी को भी विशेष तवज्जो मिलेगी। दैनिक भास्कर की संडे बिग स्टोरी में पढ़िए केंद्रीय बजट से यूपी ने कौन-कौन सी सौगात चुनावी गिफ्ट के तौर पर मांगी हैं… पश्चिमी यूपी के लिए मांगा एम्स
देश में सबसे ज्यादा आबादी यूपी में है। अभी तक प्रदेश में 2 ही AIIMS हैं। पहला मध्य यूपी के रायबरेली में और दूसरा पूर्वांचल के गोरखपुर में। इस बार योगी सरकार की ओर से पश्चिमी यूपी के लिए भी एक AIIMS की मांग की गई है। अभी यहां के लोग गंभीर बीमारी में इलाज के लिए दिल्ली जाते हैं। पश्चिमी यूपी में एम्स होने से पूरा प्रदेश कवर हो जाएगा। हेल्थ एक्सपर्ट मोहम्मद मोनिश सिद्दीकी कहते हैं- हेल्थ सेक्टर की बात करें एम्स के अलावा यूपी में फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस का बड़ा हब बन सकता है। सरकार इसकी बात भी कर रही है। लेकिन, इसके लिए उत्तराखंड और हिमाचल की तरह सुविधाएं भी देनी होंगी। इसके लिए केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीद है। अगर उद्यमियों (एंटरप्रेन्योर्स) के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो वे इस सेक्टर में आगे आ सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना में गरीबों के लिए 5 लाख तक के कवरेज को और बढ़ाना चाहिए। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत पिछली बार के बजट में 25,459 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल किया गया था। इसकी ज्यादातर राशि यूपी में खर्च होनी थी। लेकिन, बजट का बड़ा हिस्सा यूपी को नहीं मिल पाया। ऐसे में सरकार की ओर से बकाया राशि जारी करने का अनुरोध किया गया है। जिससे गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जारी स्कीमों के लिए पर्याप्त रकम मिल पाए और अटके हुए प्रोजेक्ट पूरे हो सकें। शहरी क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के लिए मांगे पैसे
केंद्र सरकार स्मार्ट सिटी स्कीम बंद कर चुकी है, जबकि शहरीकरण लगातार बढ़ता जा रहा। शहरों में आधारभूत ढांचा बनाने के लिए यूपी सरकार की ओर से विशेष बजट की मांग की गई है। नीति आयोग के सामने भी इसे उठाया जा चुका है। केंद्रीय करों में अधिक हिस्सेदारी मांगी
पिछली बार बजट में यूपी को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर 2.55 लाख करोड़ और बाद में 38 हजार करोड़ रुपए मिले थे। इस तरह यूपी को कुल 2.93 लाख करोड़ रुपए मिले थे। इस बार सरकार ने केंद्रीय करों में अधिक हिस्सेदारी मांगी है। अनुमान है, 3 लाख करोड़ से अधिक रुपए यूपी को मिलेंगे। लखनऊ यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर अरविंद मोहन कहते हैं- चुनावी साल होने की वजह से यूपी को बजट में विशेष तवज्जो मिलती हुई दिखेगी। दो तरीके से इसकी संभावना है। पहला- आधारभूत ढांचे के तौर पर, दूसरा- डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम। केंद्र की स्कीम वाली योजनाओं की अटकी राशि भी मिलेगी। खासकर केंद्र का फोकस सीधे आम लोगों को प्रभावित करने वाली योजनाओं पर होगा। ये मांगें भी रखी गईं एक न्याय पंचायत-एक इंटर कॉलेज
पीएम-श्री योजना के तहत 797 राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए 655 करोड़ और माध्यमिक शिक्षा की सभी तक पहुंच के लिए एक न्याय पंचायत-एक इंटर कॉलेज मांगा है। इसके अलावा हर जिले में नवोदय विद्यालय की स्थापना करने की मांग की गई है। महिलाओं को AI में सक्षम बनाना होगा
विकसित भारत के लिए महिलाओं को AI और Data Analytics में सक्षम बनाने के लिए विशेष केंद्रीय प्रायोजित योजना और वित्तीय प्रावधान की मांग की गई है। रेलवे की जमीन के इस्तेमाल की मंजूरी दी जाए
भारतीय रेल की कई जमीनें भूमि इस्तेमाल में नहीं हैं। ऐसी जमीन के जनहित उपयोग के लिए राज्यों को सरल एवं व्यावहारिक अनुमति व्यवस्था देने की मांग की गई है।
इसके अलावा गांवों में शुद्ध पानी के लिए 6 हजार करोड़ मांगे गए हैं। वाल्मीकि समाज के लिए अलग से आवास योजना
वाल्मीकी समाज के कई परिवार बेघर होने से प्रधानमंत्री आवास योजना के मानकों को पूरा नहीं कर पाते। इनके लिए अलग से घर योजना शुरू करने की मांग की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत जिन आवासों में पक्की दीवारें एवं टीनशेड की छत है, उन्हें भी पात्र आवास की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग की गई है। ईंट-भट्‌ठा, पान मसाला और तंबाकू की GST की समीक्षा हो
ईंट-भट्‌ठा उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। GST से पहले इससे लगभग 700 करोड़ वार्षिक राजस्व मिलता था। यह GST के बाद घटकर 250 करोड़ रह गया है। इसकी समीक्षा करने की मांग की गई है। इसके अलावा GST से पहले पान मसाला और तंबाकू उत्पादों से लगभग ₹1,000 करोड़ का टैक्स मिलता था, जो वर्तमान में घटकर 300 करोड़ रह गया है। जबकि खपत में कमी नहीं आई है। इसकी भी समीक्षा करने की मांग की गई है। पश्चिमी यूपी के जिलों को लखनऊ बेंच से जोड़ा जाए
पश्चिमी यूपी से बड़ी संख्या में मुकदमे उच्च न्यायालय में जाते हैं। लेकिन, खंडपीठ के अभाव में नागरिकों को दूर जाना पड़ता है। इसलिए पश्चिमी जनपदों को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से संबद्ध किए जाने की मांग की गई है। ये मांगें भी केंद्रीय बजट से पूरी हो सकती हैं इनकम टैक्स: 13 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री हो सकती है इनकम टैक्स की नई रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया जा सकता है। इससे सैलरीड लोगों की 13 लाख रुपए की इनकम टैक्स-फ्री हो जाएगी। अभी 12.75 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री है। आबादी के लिहाज से यूपी को इसका सबसे अधिक फायदा होगा। मिडिल क्लास के हाथ में आने वाला पैसा बढ़ेगा। हर महीने उसकी कुछ हजार रुपए की बचत हो सकती है। ये रकम खर्च, सेविंग या निवेश में काम आएगी। किसान सम्मान निधि: 50% बढ़ सकती है सालाना रकम
पीएम-किसान योजना की राशि 6 हजार से 9 हजार रुपए सालाना की जा सकती है। बीते 3 साल से इसे बढ़ाने की बात हो रही है। यूपी में अगले साल चुनाव होने वाले हैं। यहां वर्तमान में 1.89 लाख किसानों को ये राशि मिल रही है। 2019 में योजना शुरू होने के बाद से इसमें बदलाव नहीं हुआ है। 2024 में संसदीय स्थायी समिति ने रकम दोगुना करके 12 हजार रुपए सालाना करने की सिफारिश की थी। किसान संगठनों की ओर से भी ऐसी ही मांग उठाई गई है। बिहार सरकार अपने स्तर से 3 हजार रुपए जोड़कर दे रही है। इसी तरह मध्यप्रदेश सरकार तो केंद्र के बराबर 6 हजार रुपए दे रही। इस बजट में इसे 9 हजार तक बढ़ाने की तैयारी है। इससे यूपी के 1.89 करोड़ किसान परिवारों को फायदा होगा। इस एक्स्ट्रा राशि से किसान अपनी खेती की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। आयुष्मान भारत: 60 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को फायदा सरकार आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना का दायरा बढ़ा सकती है। वर्तमान में 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को इस योजना का फायदा मिल रहा है, जिसे घटाकर 60 साल किया जा सकता है। साथ ही, सालाना ₹5 लाख के मुफ्त इलाज की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है। जिससे कैंसर और हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों का खर्च कवर हो सके। यूपी में आयुष्मान कार्ड धारी 5.42 करोड़ हैं। इसमें से 60 से 70 साल की उम्र के लोगों की संख्या लगभग 1 करोड़ है। इसमें से 80 प्रतिशत के पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। गंभीर बीमारियों के लिए वे अपनी जमापूंजी खर्च करने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार इन्हें राहत दे सकती है। 5 लाख की लिमिट बढ़ने से परिवारों को बड़े ऑपरेशनों के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। मरीजों को बड़े और स्पेशलिस्ट अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज मिल सकेगा। रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर: नई अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनें मांगीं सरकार नई ट्रेनें चलाकर 2030 तक रिजर्वेशन की वेटिंग लिस्ट खत्म करना चाहती है। यूपी में चुनाव होने हैं। सबसे अधिक ट्रेनों की डिमांड भी यूपी-बिहार से है। यहां से ही सबसे अधिक पलायन भी है। ऐसे में धार्मिक पर्यटन और यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार की ओर से यूपी को 20 से 25 नई अमृत भारत और वंदेभारत स्लीपर ट्रेनों की मांग की गई है। अभी पीक सीजन में डिमांड और सीट उपलब्धता में करीब 20-25% का अंतर रहता है। इसके लिए ट्रेनें बढ़ाने के साथ ट्रैक विस्तार भी करना होगा। पीएम सूर्य घर योजना: 2 KW के सोलर पैनल पर ₹80 हजार सब्सिडी बजट में 2 किलोवाट (KW) तक के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी को 30 हजार प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 40 हजार करने का ऐलान हो सकता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, 2 KW का सोलर सिस्टम लगवाने पर 30 हजार प्रति किलोवाट के हिसाब से कुल 60 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। अगर बजट में सब्सिडी 10 हजार रुपए प्रति किलोवाट बढ़ाई गई, तो 2KW के सोलर सिस्टम पर कुल 80 हजार रुपए सब्सिडी मिलेगी। यानी 20 हजार रुपए की बचत। वहीं 2 से 3 KW के बीच के सिस्टम के लिए सब्सिडी 18 हजार रुपए प्रति किलोवाट है। 3 KW से ऊपर के सिस्टम के लिए सब्सिडी 78 हजार रुपए पर सीमित है। यूपी में अब तक पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3.57 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इससे 1227 मेगावाट की सौर क्षमता उपलब्ध हो चुकी है। अभी तक 10.94 लाख आवेदन आ चुके हैं। सब्सिडी बढ़ने से 2 KW का सिस्टम लगवाने वाले परिवारों को 20 हजार रुपए की एक्स्ट्रा बचत होगी। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले केंद्रीय बजट में यूपी को क्या मिला था
कोविड का दौर था। इसके बावजूद 2021-22 के केंद्रीय बजट में वाराणसी और नोएडा के लिए मेट्रो परियोजनाओं, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए धन और पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए वित्तीय सहायता मिली थी। PM आत्मनिर्भर स्वास्थ्य भारत योजना के तहत यूपी में हर जिले में मेडिकल कॉलेज, लैब और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर खोलने के लिए राशि मिली थी। केंद्रीय करों से 7.36 प्रतिशत हिस्सा मिला था। गोरखपुर में एम्स चालू हुआ था, उसके लिए भी बजट मिला था। इस बार कोविड जैसी कोई आपदा भी नहीं है। बिहार को जिस तरीके से पिछले बजट में विशेष योजनाएं मिली थीं, सियासी जानकार मानते हैं कि यूपी को भी इस बार के बजट में कई सौगात मिल सकती हैं। बिहार को चुनाव से पहले केंद्रीय बजट क्या मिला था
2025 में बिहार को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में लगभग ₹1.43 लाख करोड़, अनुदान के रूप में 54,575 करोड़ मिले थे। यह राशि राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों की लगभग 74% थी। बजट में बिहार को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लंबी अवधि (50 साल) के लिए लगभग 15 हजार करोड़ रुपए का ब्याज-रहित कर्ज भी मिला था। प्रमुख घोषणाएं ———————– ये खबर भी पढ़ें… बजट उम्मीद- सोना, चांदी सस्ते हो सकते हैं, ड्यूटी घटकर 4% होने की संभावना एक फरवरी को पेश होने वाले बजट के बाद सोना-चांदी खरीदना सस्ता हो सकता है। सरकार इस पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 6% से घटाकर 4% कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो सोना प्रति 10 ग्राम करीब 3 हजार और चांदी 6 हजार रुपए सस्ती हो सकती है। 2025 में सोना 75% और चांदी 167% बढ़ी है। अभी यानी जनवरी 2026 में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1.50 लाख और एक किलो चांदी 3.50 लाख रुपए में मिल रही है। पढ़ें पूरी खबर