यूपी में रसोई गैस (LPG) की किल्लत से हालात बिगड़ने लगे हैं। बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी हुई हैं। इसी बीच सिलेंडर की कालाबाजारी के मामले भी सामने आए हैं। गोरखपुर में ब्लैक मार्केटिंग के आरोप में दो गैस एजेंसियों को सील कर दिया गया। उनके मालिक को गिरफ्तार किया गया है। इधर, कानपुर में अवैध रिफिलिंग के खिलाफ छापेमारी की गई, जिसमें 49 सिलेंडर बरामद हुए। पाइपलाइन से गैस सप्लाई बंद होने के कारण 150 से अधिक बड़ी फैक्ट्रियां प्रभावित हैं। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव एस्टेट लिमिटेड के चेयरमैन ने बताया कि अगर जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो उद्योगों को अरबों रुपए का नुकसान हो सकता है। 1 लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं। रेस्टोरेंट और होटलों में खाने-पीने के दाम भी बढ़ने लगे हैं। आगरा में 20 रुपए वाली चाय अब 25 रुपए में मिल रही है। गोरखपुर में बुधवार को 500 से ज्यादा शादियां थीं। सिलेंडर नहीं मिलने पर कई जगह लकड़ी पर खाना बनाया गया। यहां एक रेस्टोरेंट ने मिट्टी का चूल्हा बना लिया है। अब उपलों पर भोजन तैयार किया जा रहा है। हालांकि, अफसरों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। गैस कंपनियों ने भी ग्राहकों को मैसेज भेजकर गैस की किल्लत की खबरों से इनकार किया है। सीएम योगी ने कहा है कि गैस और तेल की कालाबाजारी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गैस की किल्लत को लेकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। यूपी में कुल 4.26 करोड़ घरेलू LPG कनेक्शन हैं। इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.87 करोड़ कनेक्शन शामिल हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 5-6 लाख सिलेंडरों की खपत होती है। 3 तस्वीरें देखिए- गैस सिलेंडर की किल्लत से जुड़े अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
सिलेंडर की कालाबजारी पर एजेंसी मालिक गिरफ्तार:कानपुर में 150 फैक्ट्रियों में सप्लाई बंद, 1 लाख लोगों के बेरोजगार होने का डर
