पर्यावरणविद एस पी सती के अनुसार, गंगा में बड़ी मात्रा में सीवेज गिर रहा है, जिससे इसे सीधे पीने के लिए सुरक्षित नहीं कहा जा सकता. उनका कहना है कि भले ही गंगा का पानी प्राकृतिक रूप से कुछ हद तक स्वयं को साफ करने की क्षमता रखता हो, लेकिन आज के समय में इसमें बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सूक्ष्म तत्व पाए जा सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते
इंदौर हादसे के बाद बड़ा सवाल: क्या ऋषिकेश में गंगा का पानी पीने लायक है?
