कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में राइस मिल की फिजिकल वेरिफिकेशन को लेकर वायरल ऑडियो क्लिप के बाद एक खर्च सूची (पर्ची) सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस पर्ची में कुल 34 लाख 70 हजार 400 रुपए के खर्च का विवरण लिखा हुआ है। इसमें आरोप लग रहा है कि यह सूची राइस मिल एसोसिएशन पिहोवा की है। इस पर्ची में कई प्रकार का खर्च लिखा गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) पिहोवा इस पर्ची की जांच करने की मांग कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर कल यानी सोमवार को भाकियू SDM पिहोवा दफ्तर पर रोष प्रदर्शन करेगी। भाकियू प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने मामले की जांच में लीपापोती का आरोप लगाया है। पर्ची में लिखा अलग-अलग हिसाब इस वायरल सूची में 1,12,300 रुपए पिछली ट्रेड, 20 हजार रुपए फैक्ट्री एक्ट इंस्पेक्टर, 17,67,700 रुपए मार्केट कमेटी, 80 हजार रुपए SGM और 4,35,600 रुपए फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) का खर्च दर्ज हैं। इसके अलावा 25 हजार रुपए कश्मीरी पंडित, 68,200 रुपए दिवाली खर्च, 15 हजार और 10 हजार रुपए लेबर इंस्पेक्टर के नाम पर लिखे हुए है। 5100 रुपए अधिकारी का शगुन इसके अलावा पर्ची में 70 हजार रुपए किसी मैडम का खर्च, 3,57,002 रुपए प्लेटिनम होटल खर्च, 5100 रुपए पिहोवा शहर के बड़े अधिकारी के नाम का शगुन और 11 हजार रुपए कश्मीरी पंडित सिद्धू के नाम पर भी दर्ज है। इसमें 50 हजार रुपए सीएम रैली, साढ़े 12 रुपए रेल लाइन खर्चा समेत टैक्स, जगराते और मदद के नाम खर्च करने का दावा किया गया है। अधिकारी के नाम पर खर्च पर हड़कंप इस कथित पर्ची में विभिन्न सरकारी डिपार्टमेंट, अधिकारी और प्रोग्राम के नाम पर दिखाए गए खर्च से हड़कंप मचा हुआ है। खासकर फैक्ट्री एक्ट इंस्पेक्टर, लेबर इंस्पेक्टर, मार्केट कमेटी और फिजिकल वेरिफिकेशन टीम के नाम सामने आने से मामला काफी गंभीर हो रहा है। हालांकि, अभी तक इस पर्ची की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एक सिंपल कागज पर खर्च का ब्यौरा लिखा गया है। ऑडियो के बाद वायरल हुई हाल ही में सोशल मीडिया पर तीन ऑडियो वायरल हुई थी। इसमें फिजिकल वेरिफिकेशन कर रही टीम को 15-15 हजार रुपए देने और मिल में बैठकर बातचीत करने की बातें सामने आईं। DC विश्राम कुमार मीणा ने पूरे मामले की जांच SDM पिहोवा को सौंपी है। DC ने 2 दिन में रिपोर्ट सबमिट करने के निर्देश दिए थे। उपप्रधान बोले- वायरल सूची पूरी तरह से फर्जी मिलर एसोसिएशन पिहोवा के उपप्रधान बंटी कुमार ने इस वायरल सूची को पूरी तरह से फर्जी बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कोई अधिकृत या प्रमाणिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति ने साजिश के तहत कागज पर लिखकर इसे वायरल कर दिया। जिसने इस सूची को वायरल किया, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। एसोसिएशन पर लगे सब आरोप झूठे हैं।
कुरुक्षेत्र में ऑडियो के बाद खर्च सूची वायरल:लिस्ट में 34.70 लाख का खर्चा दिखाया; एसोसिएशन ने बताया फर्जी, BKU की जांच की मांग
