अंकिता भंडारी के बाद पिथौरागढ़ का ‘नन्‍ही परी’ केस, क्या अब धामी सरकार के लिए बनेगा मुश्किल? आंदोलन की हो रही तैयारी

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Nanhi Pari Case Uttarakhand: उत्तराखंड के बहुचर्चित ‘नन्ही परी’ (कशिश) हत्याकांड में 11 साल बाद भी न्याय की आस अधूरी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के 112 दिन बीत जाने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन स्वीकार न होने से परिजनों में भारी आक्रोश है. परिजनों और कांग्रेस ने सरकार पर लचर पैरवी का आरोप लगाते हुए अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. न्याय न मिलने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन और पिथौरागढ़ बंद की चेतावनी दी गई है.