अंबिकापुर : 36 वर्षों बाद सरगुजा में ठंड ने तोड़ा रिकॉर्ड, मैनपाट में पारा सात डिग्री के करीब

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मौसम विभाग के अनुसार, मोन्था के प्रभाव के समाप्त होने के बाद उत्तरी शीतलहरों के प्रवेश से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अचानक ठंड बढ़ने से लोगों में खांसी, जुकाम और बुखार जैसी मौसमी बीमारियां फैलने लगी हैं। शाम ढलते ही अंबिकापुर और मैनपाट की सड़कों पर सन्नाटा छा रहा है।

रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1989 में 9 नवंबर को न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद पहली बार इस साल तापमान 8 डिग्री के करीब पहुंचा है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान भी गिरकर 26.8 डिग्री तक पहुंच गया है।

समुद्र तल से 1152 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है। यहां दिन के समय भी ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम में आए इस बदलाव से स्वास्थ्य पर असर दिखने लगा है और लोग सतर्कता बरत रहे हैं।

मौसम विज्ञानी एएम भट्ठ के अनुसार, संभाग में अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट संभव है। उनका कहना है कि तापमान 8 डिग्री से नीचे जा सकता है और दिन का अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री के बीच बने रहने का अनुमान है।