हरियाणा में फतेहाबाद के रहने वाले एक दंपती के शादी के 19 साल बाद बेटा पैदा हुआ है। भूना के गांव ढाणी भोजराज निवासी संजय इससे पहले 10 बेटियों का पिता था। वह बेटे के इंतजार में 19 साल रहा और एक के बाद एक बेटियों का पिता बना। मगर उसने बेटियों को भी बेटों के समान रहकर पालन पोषण करता रहा। अब भगवान ने 19 साल बाद परिवार की सुनी और 10 बहनों पर बेटा पैदा हुआ है। परिवार की बड़ी बेटी 18 साल की हो चुकी है और वह 12वीं में पढ़ रही है। परिवार ने करीब 50 किमी दूर जींद के उचाना जाकर महिला की डिलीवरी करवाई। उचाना के ओजस अस्पताल के डॉक्टर नरवीर और डॉक्टर संतोष ने इस महिला की नॉर्मल डिलवरी करवाई और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए क्रिटिकल केस में अपने खर्च पर जींद से इमजेंसी में खून मंगवाकर महिला को चढ़ाया। अब मां और बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और महिला को डिस्चार्ज कर दिया है। पति संजय ने बताया-मैं परिवार में अकेला
पति संजय ने बताया कि मैं फतेहाबाद के भूना के गांव ढाणी भोजराज का रहने वाला हूं। 2007 में उसकी शादी राजस्थान के भादरा में सुनीता से हुई थी। शादी के डेढ़ साल बाद उनके बेटी हुई थी। संजय ने बताया कि वह परिवार में अकेला है और बेटा चाहता था। मगर एक के बाद एक लड़कियां हुई। मगर उन लड़कियों को भगवान का आशीर्वाद समझा। इसके बाद अब 19 साल बाद 10 बेटियों के बाद बेटा पैदा हुआ है। एक ही स्कूल में पढ़ते हैं बच्चे
संजय ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी सरीना सरकारी स्कूल में पढ़ती है और वह अब करीब 18 साल की है। दूसरी बेटी अमृता 11वीं में पढ़ती है। तीसरी सुशीला सातवीं, चौथी बेटी किरण छठी कक्षा में, पांचवीं बेटी दिव्या पांचवी कक्षा में। छठी मन्नत तीसरी कक्षा में है। सातवीं बेटी कृतिका दूसरी में। आठवीं बेटी अमनीश पहली कक्षा में, नौंवी बेटी लक्ष्मी और दसवीं वैशाली है। वैशाली के बाद भाई हुआ है। संजय ने बताया कि बेटा होने पर दिल खुश हो गया इसलिए इसका नाम दिलखुश रख दिया है। डॉक्टर बोले- मां-बच्चे दोनों को खतरा था हिसार में नारनौंद के गांव कोथकलां के रहने वाले डॉक्टर नरवीर और डॉक्टर संतोष बताया कि 4 जनवरी को परिवार उनके पास आया था। तब मां और बच्चा दोनों की हालत गंभीर थी। मां में 5 ग्राम खून था और बच्चें में पानी की कमी थी। इसलिए आते ही सबसे पहले पहले मां को खून चढ़ाया। इसके लिए जींद से खून का अरेंजमेंट किया और उसके बाद नॉर्मल तरीके से डिलीवरी की गई। डॉक्टरों ने बताया कि 11वीं डिलिवरी थी इसलिए बच्चेदानी कमजोर थी मगर सबकुछ ठीक रहा। अब दोनों मां बेटा स्वस्थ्य हैं और अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।
शादी के 19 साल बाद 10 बेटियों पर हुआ बेटा:फतेहाबाद का है परिवार, गांव 50 किमी दूर हिसार के डॉक्टरों ने करवाई डिलीवरी
