गुरुग्राम में 1.85 करोड़ के फर्जीवाड़े में आरोपी गिरफ्तार:फर्जी वेंडरों के नाम पर नकली बिल बनाए; रिश्तेदार और पत्नी के खाते में भेजे पैसे

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गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-II ने करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़ें में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। इन पर कंपनी के पूर्व कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी वेंडर बनाकर करोड़ों रुपए की ठगी करने का आरोप है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। यह मामला 20 मई 2025 को आर्थिक अपराध शाखा-II को मिली एक शिकायत के बाद सामने आया। शिकायतकर्ता कावासाकी रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का प्रतिनिधि है। उनकी कंपनी रोबोटिक्स और ऑटोमेशन सेवाएं प्रदान करती है। कर्मचारियों ने ही किया फर्जीवाड़ा शिकायत के अनुसार, साल 2015 से 2023 के दौरान कंपनी के खांडसा स्थित ऑफिस में कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने फर्जी वेंडर और फर्म बनाईं। इन फर्जी वेंडरों के नाम पर कंपनी में नकली बिल लगाए गए और बिना कोई वास्तविक काम किए करोड़ों रुपए अपने और परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। शिकायत के आधार पर गुरुग्राम के थाना सेक्टर-37 में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों की मदद से 19 फरवरी को फरीदाबाद से गौरव धींगड़ा (37) को गिरफ्तार किया। फर्जी फर्म बनाकर 1.85 करोड़ ट्रांसफर किए पूछताछ में पता चला कि गौरव धींगड़ा के खातों में लगभग 1 करोड़ 85 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। उसने अपने साथी लवीश के साथ मिलकर धींगड़ा एंटरप्राइजेज नाम की एक फर्जी फर्म बनाई थी। इस फर्म को वेंडर दिखाकर उसने कंपनी से यह रकम ट्रांसफर करवाई थी। इस काम के बदले उसे करीब 5 लाख रुपए मिले थे। पुलिस ने इस मामले में आगे कार्रवाई करते हुए 6 अप्रैल को फरीदाबाद से एक और आरोपी कमल कालरा (42) को गिरफ्तार किया। रिश्तेदार और पत्नी के खातों में भेजे पैसे जांच में सामने आया कि कमल कालरा मुख्य आरोपी लवीश का रिश्तेदार है। उसके बैंक खाते में लगभग 1.82 लाख रुपए और उसकी पत्नी के खाते में 35 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।