गुरुग्राम में उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले युवक फैसल इदरीसी मर्डर मिस्ट्री का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस संबंध में पुलिस ने सतीश तिवारी नाम के एक आरोपी को अरेस्ट किया है। पुलिस ने खुलासा किया कि 15 हजार रुपए के विवाद में फैसल का मर्डर किया गया था। सेक्टर 10 थाना SHO कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपी सतीश तिवारी सरस्वती इन्क्लेव में रहता है। घटना से एक महीने पहले ही फैसल के साथ इसकी दोस्ती हुई थी। दोनों आपस में बैठकर शराब भी पीते थे। फैसल और सतीश दोनों पोर्टर और रेपिडो प्लेटफार्म पर राइडर थे। 24 दिसंबर काे फैसल ने 4 बार शराब खरीदी और दोनों ने एक साथ बैठकर शराब पी थी। मरने वाले फैसल ने सतीश तिवारी से 15 हजार रुपए लिए थे। इसी बात को लेकर इनके बीच में विवाद हो गया था। जिसके बाद सतीश ने फैसल का मर्डर कर दिया। तकनीकी एविडेंस और सीसीटीवी से पकड़ा आरोपी एसएचओ इंस्पेक्टर कुलदीप, के नेतृत्व में पीएसआई अमित, हेडकांस्टेबल कुलदीप, सोमदत्त व सिपाही संजीव द्वारा गहनता से जांच की गई तो पता चला कि इस मर्डर में सतीश तिवारी का हाथ है। जिसके बाद उन्होंने सरस्वती एन्क्लेव से आरोपी को गिरफ्तार करके इस ब्लाईंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई।आरोपी सतीश तिवारी (उम्र-25 वर्ष) उत्तर प्रदेश के रायबरेली का रहने वाला है। जांच के दौरान पुलिस के हाथ कुछ जगहों के सीसीटीवी और तकनीकी एविडेंस लगे। लोन दिलाने के नाम पर लिए थे रुपए मृतक फैसल ने सतीश से लोन दिलाने के नाम पर 15,000 रुपए लिए थे और अब वह इसके रुपए वापस नहीं कर रहा था, रुपयों के लेनदेन के कारण दिनांक 24 दिसंबर को इसने मृतक को शराब पीने के बहाने सरस्वती एन्क्लेव बुलाया और दोनों ने G-Town ठेका सेक्टर-37 में शराब का सेवन किया। इसी दौरान रुपयों को लेकर इनका आपस में विवाद हो गया। सतीश को यह भी आशंका थी कि यदि फैसल अपने गांव चला गया तो इसके पैसे नहीं मिलेंगे। इसलिए उसने फैसल की हत्या करके उसकी बाइक बेचकर पैसे वसूलने का इरादा बनाया। खुद कम शराब पी, फैसल को बेसुध कर दिया यह फैसल को बहला-फुसलाकर उसके घर व फिर अपने घर ले गया, जहां से इसने अपनी जेब में दाढ़ी करने वाली ब्लेड ली। इसके बाद दोनों दोबारा शराब पीने चले गए। इसने खुद तो कम शराब का सेवन किया तथा मृतक को अधिक शराब पिलाकर नशे में बेसुध कर दिया। फिर रास्ते में इसने जानबूझकर बाइक का संतुलन बिगाड़कर फैसल को गिरा दिया और उसे झाड़ियों की तरफ ले जाकर पहले उसका गला दबाया। ब्लेड से गला और दोनों हाथों की नसें काटी आरोपी ने गला दबाने के बाद उसके हाथ-पैर बांधकर ब्लेड से उसका गला व दोनों हाथों की नसें भी काट दी। हत्या के बाद इसने शव को थर्मोकोल से ढक दिया तथा उसका मोबाइल निकाल लिया। इस मोबाइल में इंस्टॉल UPI कर पासवर्ड उसे पहले से पता था। इसके बाद सतीश उसकी बाइक लेकर फरार हो गया। दो दिन बाद रुपए ट्रांसफर किए 26 दिसंबर 2025 को आरोपी ने मृतक का मोबाइल स्विच-ऑन किया और UPI के माध्यम से खरीदारी की व पांच हजार रुपए किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भेजकर नकद प्राप्त कर लिए। इसने मृतक की बाइक व मोबाइल को रायबरेली में अपने एक दोस्त के पास ले जाकर छुपा दिया। परिजनों ने पत्नी और उसके मामा पर लगाया था आरोप परिजनों ने फैसल की पत्नी उजमा और उसके मामा आफताब पर हत्या का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करवाई थी। लेकिन पुलिस इन्वेस्टिगेशन में मामला लेन देन का निकला है। डिलीवरी बॉय फैसल 23 दिसंबर से लापता था डिलीवरी बॉय के रूप में काम करने वाला फैसल 23 दिसंबर के बाद से परिवार के संपर्क में नहीं था और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ था। परिजन उसको तलाश रहे थे, लेकिन 8 जनवरी को घर से 500 मीटर दूर खाली जगह में उसका गला सड़ा शव बरामद हुआ था। उसके हाथ बंधे हुए थे और गले में कपड़ा था। शव को गत्ते और मिट्टी से छिपाया गया था। शादी के बाद गुरुग्राम आया फरवरी 2023 में फैसल की शादी उजमा से हुई थी, जो रिश्ते में उनकी खाला की बेटी थी। 8 महीने पहले वह अपनी पत्नी उजमा के साथ कानपुर छोड़कर गुरुग्राम शिफ्ट हो गया। यहां वह डिलीवरी एजेंट का काम करने लगा। वह सेक्टर 10 के कादीपुर एन्क्लेव में किराए के मकान में अपनी पत्नी उजमा (उम्र 27 वर्ष) के साथ रहता था।
गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय फैसल मर्डर में आरोपी गिरफ्तार:15 हजार के लेन-देन को लेकर हुआ विवाद, खाली जमीन में मिला था सड़ा-गला शव
