बैंक मैनेजर को लेकर फर्जी मुहरें तलाशने यूपी जाएगी ACB:पंचकूला कोटक-महिंद्रा बैंक फ्रॉड केस में खुलासा; एफडी रिकॉर्ड में गड़बड़ी

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पंचकूला की एक स्थानीय कोर्ट ने कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव को पंचकूला नगर निगम (MC) से जुड़े 150 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हालांकि अभी तक जांच में कुछ अहम खुलासे हुए हैं। इस केस में यूपी कनेक्शन भी सामने आया है। एसीबी के सूत्रों का कहना है कि इस केस में नकली स्टांप भी यूज हुए हैं, हालांकि उनकी बरामदगी अभी तक नहीं हो पाई है। इसको बरामद करने के लिए एसवी एंड एसीबी राघव को उत्तर प्रदेश के कासगंज लेकर जाएगी, जहां उसकी निशानदेही पर स्टांप बरामदगी के लिए प्रयास किए जाएंगे। एजेंसी ने सात दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने चार दिन की पुलिस हिरासत मंजूर कर दी। जांच में सहयोग नहीं कर रहा राघव मामले की जांच कर रही एजेंसी ने पंचकूला कोर्ट को बताया है कि राघव जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। जानकारी छिपाने की कोशिश कर रहा है। एजेंसी ने कहा कि उससे प्रत्येक लेन-देन के साथ-साथ पंचकूला नगर निगम और बैंक में सह-आरोपी अधिकारियों की भूमिका के बारे में भी पूछताछ की जानी है। जांचकर्ताओं ने कहा कि राघव से उन पत्रों, वाउचरों और चेकों के संबंध में भी पूछताछ की जाएगी, जिन पर कथित तौर पर फर्जी मुहरें लगी हुई हैं और जो कथित तौर पर पंचकूला नगर निगम के सह-आरोपी वरिष्ठ लेखा अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए थे।
यहां पढ़िए अब तक की जांच के अहम बिंदु… 1. बैंक के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाया निगम का रिकॉर्ड जांच में पंचकूला नगर निगम द्वारा रखी गई सावधि जमाओं में महत्वपूर्ण अनियमितताएं सामने आई हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, नगर निगम के पास कोटक महिंद्रा बैंक, सेक्टर-11, पंचकूला में 145.03 करोड़ रुपए मूल्य की 16 सावधि जमाएं थीं, जिनकी परिपक्वता अवधि 158.02 करोड़ रुपए थी। इनमें से 11 सावधि जमा (FD) जिनकी कुल राशि 59.58 करोड़ रुपए थी, 16 फरवरी, 2026 को परिपक्व हो गईं। हालांकि, जब पंचकूला नगर निगम ने बैंक से संपर्क किया, तो बैंक द्वारा दिए गए विवरण न तो आपस में मेल खाते थे और न ही पंचकूला नगर निगम के रिकॉर्ड से, विशेष रूप से सावधि जमा के संबंध में। 2. 50 करोड़ के मुकाबले एकाउंट में 2 करोड़ ही मिले खाता संख्या 2046903758 के लिए 16 मार्च, 2026 को प्राप्त बैंक स्टेटमेंट के अनुसार, 13 मार्च को खाते में शेष राशि अपेक्षित 50.07 करोड़ रुपए के मुकाबले मात्र 2.18 करोड़ रुपए थी।इसके अलावा, बैंक ने सूचित किया कि कोई भी सावधि जमा चालू नहीं थी और 18 मार्च, 2026 तक खातों में कुल शेष राशि 12.86 करोड़ रुपए थी। यह आधिकारिक रिकॉर्ड के बिल्कुल विपरीत था, जिसमें दिखाया गया था कि एमसी पंचकूला ने 145.03 करोड़ रुपए मूल्य की 16 एफडी रखी हुई थी, जिसका परिपक्वता मूल्य 158.02 करोड़ रुपए था ये आंकड़े बैंक द्वारा बताई गई स्थिति से मेल नहीं खाते थे। 3. जांच एजेंसी ने बैंक खातों की डिटेल निकाली जांच के दौरान, एजेंसी ने कोटक महिंद्रा बैंक में मौजूद एमसी पंचकुला के चार खातों के लेनदेन का विवरण एकत्र किया। इनमें खाता संख्या 2015073031 (28 मई, 2020 से 25 मार्च), 2046279112 (8 जून, 2022 से 25 मार्च), 2013457703 (27 अक्टूबर, 2018 से 25 मार्च) और 2046903758 (26 अगस्त, 2022 से 25 मार्च) शामिल हैं। जांच के दायरे में दो लाभ लेने वाले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि जांचकर्ताओं ने दो व्यक्तियों की पहचान की है, जिन्होंने कथित तौर पर 150 करोड़ रुपए की बड़ी रकम प्राप्त की थी। इनमें से एक, रजत दहरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने खुलासा किया कि उसे 60 करोड़ रुपए से अधिक मिले थे। दूसरा संदिग्ध अभी तक जांच में शामिल नहीं हुआ है। इस बीच, चल रही जांच के तहत गुरुवार को पंचकुला नगर निगम के वरिष्ठ लेखा अधिकारी से भी एजेंसी ने पूछताछ की।