आआपा नेता अंकुश नारंग ने दिल्ली में बाढ़ के हालात पर सरकार पर उठाए सवाल, राहत कार्यों में तेजी की मांग

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अंकुश नारंग ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एमसीडी और पीडब्ल्यूडी ने नाले साफ करने के दावे किए थे, लेकिन फिर भी दिल्ली की सड़कें और गलियां पानी में डूब रही हैं।

उन्होंने पूछा कि अगर नाले पूरी तरह साफ थे, तो आईटीओ, पटपड़गंज, मोतीबाग, मुंडका, किराड़ी और छतरपुर जैसे इलाकों में जलभराव क्यों हो रहा है? पीडब्ल्यूडी की सड़कें चार-चार फीट पानी में क्यों डूब जाती हैं?

उन्होंने 2022 के यमुना बाढ़ के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय की स्थिति से भी मौजूदा हालात बदतर हैं। यमुना के पास के इलाकों में पानी लोगों के घरों में घुस चुका है, लेकिन प्रशासन की मौजूदगी नजर नहीं आ रही।

नारंग ने गुरुग्राम से दिल्ली तक 8-10 घंटे के ट्रैफिक जाम का मुद्दा भी उठाया और कहा कि बारिश में यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है।

उन्होंने बताया कि आआपा प्रमुख अरविंद केजरीवाल के आह्वान पर पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में जुटे हैं और सरकार का सहयोग कर रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि सरकार संसाधनों और धन की कमी का बहाना बनाए बिना राहत कार्यों में तेजी लाए। नारंग ने कहा कि मिंटो ब्रिज को 2022 में ठीक कर दिया गया था, लेकिन सरकार हर बार उसी का हवाला देती है। दिल्ली की जनता को अब ठोस कदम चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं।