एक महिला, तीन पति…फिर चौथे शख्स की एंट्री:पत्नी की बेवफाई और उसके खौफनाक अंजाम की कहानी, 6 साल की बेटी बनी गवाह

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मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पहले पार्ट में आपने पढ़ा कि 18 जुलाई 2022 को भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में एक महिला और उसके प्रेमी की सड़क पर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमला करने वाला महिला का दूसरा पति सुनील, उसका भाई और साला थे। सुनील ने 6 साल की बेटी की आंखों के सामने ही दोनों की हत्या कर दी। वहां मौजूद लोगों ने सुनील को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाकी दो आरोपी फरार हो गए। आखिर महिला के पति और सगे भाई ने ऐसा कदम क्यों उठाया। वो शख्स कौन था जिसकी हत्या कर दी गई। क्या महिला की जिंदगी में किसी और की एंट्री हो गई थी? सिलसिलेवार पढ़िए पत्नी की बेवफाई और उसके खौफनाक अंजाम की कहानी… प्यार, शादी और बेवफाई की कहानी
पुलिस की जांच ने जब इस हत्याकांड की परतें खोलनी शुरू कीं, तो एक ऐसी कहानी सामने आई जिसकी पटकथा सालों पहले विदिशा में लिखी जा चुकी थी। धोखा, तलाश और कत्ल की साजिश
जनवरी 2022 में, रचना अपने दोनों बच्चों को लेकर अचानक घर से गायब हो गई। परेशान सुनील ने उसे हर जगह ढूंढा, विदिशा के एक थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। रचना असल में अपने नए प्रेमी राजेंद्र के साथ भोपाल आ गई थी। यहां अशोका गार्डन इलाके में दोनों ने एक मकान किराए पर लिया और लिव-इन में रहने लगे। सात महीने बाद, जुलाई 2022 में सुनील को किसी तरह पता चला कि उसकी पत्नी उसे धोखा देकर भोपाल में राजेंद्र के साथ रह रही है। यह जानते ही उसके अंदर बदले की आग भड़क उठी। वह तुरंत भोपाल पहुंचा और सबसे पहले रचना के भाई देवेंद्र मालवीय से मिला। उसने देवेंद्र को अपनी बहन की बेवफाई की पूरी कहानी बताई, हैरानी की बात यह थी कि अपनी बहन के इस कदम से देवेंद्र भी गुस्से में था। उसने सुनील का साथ देने का फैसला किया। दोनों ने मिलकर रचना और राजेंद्र को खत्म करने की खौफनाक साजिश रची। इस साजिश में उन्होंने सुनील के फुफेरे भाई रोहित को भी शामिल कर लिया। तीन दिन तक रेकी और फिर हत्या
इसके बाद तीनों ने तीन दिनों तक रचना और राजेंद्र की रेकी की। उन्होंने उनके आने-जाने का समय और रास्ता पता किया। 18 जुलाई को उन्होंने अपने प्लान को अंजाम देने का फैसला किया। रास्ते में एक दुकान से सब्जी काटने वाली छूरी खरीदी और एक हार्डवेयर की दुकान से फावड़े में लगने वाले दो मजबूत बेंत (डंडे) खरीदे और राजेंद्र के नौकरी से लौटने का इंतजार करने लगे। अदालत, गवाह और मासूम की गवाही
पुलिस ने मौके से पकड़े गए सुनील से पूछताछ के बाद कुछ ही दिनों में फरार देवेंद्र और रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया। मामला अदालत में पहुंचा। अभियोजन पक्ष के पास पुख्ता सबूत और कई चश्मदीद गवाह थे। कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
तीन साल तक चले इस मुकदमे के बाद, 6 नवंबर 2025 को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। तमाम सबूतों, गवाहों और खासकर मासूम बेटी की गवाही के आधार पर कोर्ट ने सुनील मालवीय और रचना के सगे भाई देवेंद्र मालवीय को राजेंद्र और रचना की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को दोहरे आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। तीसरे आरोपी रोहित के नाबालिग होने के कारण उसका मामला बाल न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया। यह कहानी एक दुखद अंत पर खत्म हुई, जहां प्यार और विश्वास की जगह धोखे और नफरत ने ले ली और इसका नतीजा दो लाशों, दो अनाथ बच्चों और दो परिवारों की बर्बादी के रूप में सामने आया। मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स का पार्ट-1 भी पढ़िए बीच सड़क पर बेवफा पत्नी और उसके प्रेमी का कत्ल मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात एक ऐसे डबल मर्डर की जिसने राजधानी भोपाल को दहला दिया था। ये वारदात 18 जुलाई 2022 को हुई थी। एक 6 साल की मासूम बच्ची के सामने, बीच सड़क पर उसके माता-पिता पर तीन लोगों ने चाकुओं और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…