फरीदाबाद जिले के गांव सरूरपुर स्थित ज्वेलरी शॉप में हुई 64 लाख रुपए के सोने की लूट के मामले में एक चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वारदात को अंजाम देने से पहले करीब एक महीने तक बदमाशों द्वारा रेकी की गई थी। रेकी करने वाले बदमाश ने कपड़े बेचने वाले का रूप धारण करके पूरी जांच-पड़ताल की और फिर पूरी जानकारी मिलने के बाद चारों बदमाशों ने हथियार के बल पर ज्वेलर को लूट लिया। सभी पर पहले से दर्जनों केस दर्ज उत्तर प्रदेश की एक जेल में इन चारों बदमाशों की मुलाकात हुई। जहां पर इन्होंने अपना गैंग तैयार किया। इस गैंग के तीन बदमाश साकिब उर्फ बाली, जावेद उर्फ मेंटल, धर्मबीर उर्फ बाबू जी को अरेस्ट कर लिया है। जबकि रैकी करने वाला रिहान अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। सभी पर लूट, डकैती के पहले से दर्जनों मामले दर्ज है। अभी तक जेवरात की नहीं बरामदगी पुलिस अभी तक गिरफ्तार किए गए बदमाशों से लूटे गए सोने के जेवरात बरामद नहीं कर पाई है। इसके अलावा जिस टैक्सी से आरोपी फरार हुए थे, पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है। पुलिस की जांच में पता चला है कि बदमाश इस लूट के बाद दिल्ली में एक ज्वेलर को लूटने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही 2 बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गए। ऐसे दिया लूट की वारदात को अंजाम मुजेसर थाना क्षेत्र के सुरूरपुर गांव में सैनी चौपाल के पास 11 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे साकिब, जावेद, धर्मबीर और रिहान श्रीजी ज्वेलर्स के शोरूम में पहुंचे थे। जावेद और रिहान पिस्टल के साथ दुकान के अंदर गए। दोनों ने हथियार के बल पर करीब 350 ग्राम सोने के आभूषण लूट लिए। इस दौरान साकिब बाहर बाइक लेकर खड़ा रहा। वहीं धर्मवीर हथियार लेकर की दुकान के आसपास ही खड़ा था, ताकि कोई विरोध कर सके तो अपने साथियों को वहां से सुरक्षित निकाल सके। बाइक छोड़ टैक्सी में बैठकर फरार लूटे गए जेवरातों को लेकर सभी बदमाश बाइक पर सरूरपुर के जंगलों में पहुंचे और वहां पर बाइक को छोड़ कर टैक्सी में बैठकर फरार हो गए। बदमाशों ने इस वारदात में जिस चोरी की बाइक का इस्तेमाल किया था, उसको दिल्ली के रमेश पार्क से चुरी की थी। 1 महीने में तैयार किया पूरा प्लान रिहान ने कपड़े बेचने वाले का पूरा गेटअप बनाया और दिल्ली एनसीआर में करीब एक महीने तक दुकान की तलाश की। जहां पर लूट करने के बाद वह आसानी से फरार हो सकें। अपनी फेरी के दौरान उसने सरूरपुर में संजय ज्वेलर की दुकान को तलाश कर लिया। रेकी के दौरान उसने दुकान के आस-पास के इलाके के बारे में जानकारी ली और निकल भागने का प्लान भी तैयार कर लिया। क्राइम ब्रांच की 4 टीमें तलाश में लगी लूट की इस घटना के बाद बदमाशों को पकड़ने के लिए क्राइम बांच की 4 टीमें तलाश में लगाई गई थी। जिन्होंने इनको पकड़ने के लिए दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा सहित यूपी के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी की। पुलिस ने 14 मार्च को साकिब और 16 मार्च को जावेद को गिरफ्तार कर लिया। जिनसे पूछताछ के आधार पर टेक्निकल साहयता लेकर तीसरे बदमाश धर्मबीर के बारे में जानकारी जुटाई और 17 मार्च की सुबह धर्मबीर को पकड़ लिया। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ तीसरे बदमाश धर्मबीर को जब पुलिस सूरजकुंड रोड पर पकड़ने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर गोली चला दी। जिसमें पुलिस की तरफ से गोली चलाई गई और धर्मबीर के पैर मे गोली लग गई। जिसको बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार चल रहा है। तीनों बदमाशों पर पहले से केस पुलिस द्वारा पकड़ गए तीनों बदमाशों पर पहले से ही लूट, डकैती के पहले से दर्जनों मामले दर्ज है। जिसमें साकिब उर्फ बाली (26) निवासी गांव सिंगरेडा जिला मुजफ्फरनगर पर 6 मामले दर्ज है। जावेद उर्फ मेंटल निवासी गांव भगरा जिला मुजफ्फरनगर पर 11 और धर्मबीर उर्फ बाबू जी वासी गांव रसुलपुर जिला संभल पर 6 मामले दर्ज है। सभी बदमाश यूपी के रहने वाले है। जेल से बाहर निकलने के बाद दिल्ली एनसीआर में ही लूट की वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया गया था। रेकी करने वाला बदमाश फरार पुलिस अभी तक इस मामले में रेकी करने वाले बदमाश रिहान को गिरफ्तार नही कर पाई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि तीनों के पास से अभी तक कई अवैध हथियार देसी कट्टा, पिस्टल, चाकू बरामद किया गया है। क्राइम ब्रांच की टीमें उसकी तलाश कर रही है।
फरीदाबाद में ज्वेलरी-शॉप लूट का एक माह में प्लान तैयार:कपड़े बेचने वालों का बनाया भेष; UP की जेल में बदमाशों से मुलाकात
