सीएम के पास आई भाषण खत्म करने की चिट्‌ठी:दौड़ते हुए आग बुझाने पहुंचे मंत्री; अस्पताल में स्ट्रेचर पर मरीज की जगह फल ढोए

Spread the love

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सीएम की सभा में चिट्ठी की चर्चा
छिंदवाड़ा में सीएम डॉ. मोहन यादव मंच से भाषण दे रहे थे, तभी उनके पास भाषण खत्म करने की चिट्ठी आ गई। उन्होंने खुद मंच से चिट्ठी दिखाते हुए इसका जिक्र किया। इससे पहले भाजपा सांसद विवेक बंटी साहू को भी इसी तरह भाषण समाप्त करने के लिए कहा गया। दरअसल, सीएम डॉ. मोहन यादव हितग्राही सम्मेलन में पहुंचे थे। कार्यक्रम तय समय से देर से शुरू हुआ था और सीएम को आगे भी जाना था। लेकिन मंच पर भाषण दे रहे सांसद विवेक बंटी साहू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। उन्हें रोकने के लिए एक के बाद एक दो चिट्ठियां भेजनी पड़ीं। इस पर सांसद ने कहा- मुख्यमंत्री जी, आपने इतना सब कुछ दे दिया, फिर भी ये दिल मांगे मोर। इसके बाद उन्होंने एक और मांग रख दी। इस पर सीएम ने कहा कि विकास के मामले में वे दोनों हाथ खुले रखकर बांटने में विश्वास रखते हैं और जो भी मांग होगी, उसे पूरा करने की घोषणा करते हैं। सीएम ने अपने भाषण के दौरान घड़ी देखते हुए कहा कि समय कम पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें आगे जाना है। उन्होंने कहा कि वे और भी कई बातें कर सकते थे, फिर चिट्ठी दिखाते हुए बोले- लेकिन ये समाप्त करने वाले बार-बार चिट्ठी भेज रहे हैं। अब चर्चा इस बात की हो रही है कि सांसद को भाषण खत्म करने के लिए चिट्ठी भेजना तो समझ में आता है, लेकिन सीएम को चिट्ठी किसने भेज दी। आग बुझाने के लिए दौड़े मंत्री
छतरपुर में खेत में लगी आग बुझाने के लिए वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार खुद खेत में उतर गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। दरअसल, मंत्री रामनवमी की शोभायात्रा में शामिल होकर चंदला की ओर जा रहे थे। तभी एक महिला ने मदद के लिए आवाज लगाई। इस पर मंत्री ने अपना काफिला रुकवाया और गाड़ी से उतरकर खेत की ओर दौड़ पड़े। मंत्री को मौके पर जो तरीका समझ आया, उसे अपनाते हुए आग बुझाने की कोशिश की। खरी बात ये है कि मंत्री जी ने काम तो अच्छा किया, इसकी तारीफ भी हो रही है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनता रहा। सोशल मीडिया के दौर में यह जरूरी भी हो गया है, खासकर नेताओं के लिए, क्योंकि जो दिखता है, वही बिकता है। इस घटना से मंत्री ने सुर्खियां जरूर बटोर लीं। फल ढोने में स्ट्रेचर का इस्तेमाल
सतना जिला अस्पताल की बदइंतजामी किसी से छिपी नहीं है। अक्सर ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं, जब मरीजों को स्ट्रेचर नसीब नहीं होता और परिजन उन्हें गोद में उठाकर इधर-उधर ले जाते नजर आते हैं। इसी अस्पताल में तीन दिन पहले स्ट्रेचर का इस्तेमाल फल ढोने के लिए किया गया। एक तरफ मरीजों को समय पर स्ट्रेचर नहीं मिलते, दूसरी ओर स्ट्रेचर पर फल रखकर ले जाए जा रहे हैं। इसका वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, 25 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्मदिन था। इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ता जिला अस्पताल में मरीजों को फल बांटने पहुंचे थे। लेकिन फल ले जाने के लिए जो तरीका अपनाया वो कैमरे में कैद हो गया, जो अब चर्चा में है। अब लोग कह रहे हैं कि अस्पताल में सबसे ज्यादा संक्रमण फैलाने वाली चीजों में स्ट्रेचर भी शामिल होता है, क्योंकि अलग-अलग बीमारियों के मरीजों को इसी पर लाया जाता है। ऐसे में बिना कुछ बिछाए उसी स्ट्रेचर पर फल रख देना कई सवाल खड़े करता है। ये फल आखिर सेहत देंगे या जोखिम बढ़ाएंगे? वैसे खरी बात ये है कि नेतागिरी हर जगह हावी नजर आ रही है। मरीज मैनेजमेंट हो न हो, इवेंट मैनेजमेंट पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। सीएमओ ने छुए विधायक के पैर
नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में सत्ता के आगे झुकते सिस्टम का एक वीडियो सामने आया है। यहां नगर पालिका परिषद की बजट बैठक के दौरान सीएमओ अमर सिंह उइके ने भाजपा विधायक प्रेमशंकर वर्मा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। आपत्ति जताते हुए कांग्रेस ने लिखा कि शासकीय अधिकारी का दायित्व निष्पक्ष और नियमों के अनुसार कार्य करना होता है, जबकि इस प्रकार का व्यवहार प्रोटोकॉल और सर्विस कंडक्ट नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। कांग्रेस ने तंज कसते हुए यह भी लिखा कि भाजपा नेताओं का आशीर्वाद लेने से भ्रष्टाचार में कोई दिक्कत नहीं आती। इनपुट सहयोग – देवेंद्र ठाकुर (छिंदवाड़ा), राजेश चौरसिया (छतरपुर), प्रशांत द्विवेदी (सतना), मयंक दुबे (सिवनी मालवा) ये भी पढ़ें –
शिवराज सिंह ने पंडित जी से माइक लिया, करने लगे मंत्रोच्चार: रामलला के दर पर दिग्विजय की हाजिरी मामा जी यानी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो गजब ही कर दिया। चलती पूजा में पंडित जी के हाथ से माइक लेकर खुद ही मंत्रोच्चार शुरू कर दिया और पंडित जी देखते रह गए। इधर, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह अयोध्या में रामलला के दर पर हाजिरी लगा आए। तस्वीरें सामने आई तो इस पर राजनीति भी हुई। पूरी खबर पढ़ें