उमरियाः विश्व आदिवासी दिवस पर निकाली गई विशाल रैली, राज्यपाल के नाम सौंगा ज्ञापन

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सिवनी जिले से आईं आदिवासी संगठन की प्रदेश संयोजक सीमा का कहना है कि आज का यह विश्व आदिवासी दिवस हमारे केवल नाचने कूदने का दिवस नहीं है हमारा जो मूल है, हमारे जो हक अधिकार हैं, जल जंगल और जमीन, इसके साथ ऐसे बहुत से मुद्दे हैं, हम संविधान को मानने वाले लोग हैं, संविधान में 23 से अधिक आर्टिकल है जो हमारे हित में है मगर सरकार हमें वह सुविधा देना नहीं चाहती है और सरकार हमें बोलती हैं कि आप इस देश के वनवासी हैं, जबकि हम वनवासी नहीं हम आदिवासी हैं हम यहां के मूल निवासी हैं, हम यहां के मालिक हैं और हम अपना मालिकाना हक चाहते हैं, इन मुद्दों को लेकर हम जैसे कि आज इंटरनेशनल आदिवासी दिवस है सारे देश में आज छुट्टियां हैं तमाम विश्व के लोग मना रहे हैं मगर भारत ही एक ऐसा देश है जहां हमारी इतनी अधिक जनसंख्या है उसके बाद भी यहां छुट्टी घोषित नहीं की जाती, यहां के जो बाहरी लोग हैं 10000 सालों से इस भारत में आ रहे हैं, बसते जा रहे हैं और जो यहां के नेटिव लोग हैं, नेटिव मतलब आदि अनादि काल से जो यहां रह रहे हैं वह आज रोड में गली-गली अपने हक अधिकार को एक भिखारी के जैसे मांग रहा है यह सब सोचने वाली बात है और इन्हीं मुद्दों को लेकर आज हम यह विश्व आदिवासी दिवस मना रहे हैं।

वहीं प्रदेश के महामहिम राज्यपाल के नाम 9 सूत्रीय ज्ञापन जिले के कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया जिसको लेने के लिए बांधवगढ़ तहसील के एसडीएम कमलेश नीरज आए और ज्ञापन लिया उन्होंने बताया कि आज विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर आदिवासी संगठन ने 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है हम इसके लिए प्रयास करेंगे कि ज्ञापन उचित जगह तक पहुंच जाए और जो हमारे स्तर की समस्याएं होंगी उनको हम हल करेंगे और बाकी प्रदेश सरकार के स्तर की वहां तक पहुंचाने का काम हम करेंगे।