किसी भी जर्जर स्कूल भवन में नहीं कराए पढ़ाई, कराए जाए वैकल्पिक इंतजाम-हाईकोर्ट

Spread the love

सुनवाई के दौरान केन्द्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राज दीपक रस्तोगी की ओर से मामले में जवाब पेश करने के लिए समय मांगा गया। वहीं महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने जर्जर स्कूल भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं करने के निर्देश जारी किए हैं। इस पर अदालत ने कहा कि क्या वे कह सकते हैं कि अब कोई दुर्घटना नहीं होगी। ऐसे में महाधिवक्ता ने कहा कि विभाग ने सभी स्कूलों का सर्वेक्षण करने के आदेश दिए हैं। कमेटी गठित तक ऐसे स्कूल भवनों की पहचान की जा रही है। स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए बजट भी जारी किया गया है। अदालत को दो सप्ताह में शपथ पत्र पेश कर इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मानसून के दौरान विशेष उपाय करें। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि अभी तक पालना रिपोर्ट पेश नहीं की गई। ऐसे में सुनिश्चित किया जाए की जर्जर भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं हो। इस पर एजी ने कहा कि अगर किसी की गलती सामने आई तो हम उस पर कार्रवाई करेंगे। ऐसी इमारतों का लगातार सर्वेक्षण जारी है, फिर भी अदालत चाहे तो निर्देश जारी कर सकती है। इस पर अदालत ने जर्जर स्कूलों में स्कूल संचालित करने पर रोक लगाते हुए प्रमुख शिक्षा सचिव से शपथ पत्र पेश करने को कहा है।