अनुपूरक बजट 2025-26 का आकार लगभग 5315.39 करोड़ है, जिसमें लगभग 2152.37 करोड़ राजस्व पक्ष में और लगभग 3163.02 करोड़ पूंजीगत पक्ष में है। केन्द्र पोषित योजनाओं के अन्तर्गत 1689.13 करोड़ और बाह्य सहायतित योजनाओं के अन्तर्गत 215.00 करोड़ रुपये का प्रावधान इस अनुपूरक बजट के माध्यम से किया गया है।
बजट में नवाचार पर फोकस किया गया है
अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए लगभग 79.00 करोड, पेयजल योजनाओं में सोलर पैनल अधिस्थापन के लिए 25.00 करोड़, टाटा टेक्नोलॉजी मॉडल के लिए 20.00 करोड़, राजस्व उप निरीक्षक एवं निरीक्षकों को शासकीय कार्य के लिए लैपटॉप व इण्टरनेट उपलब्ध कराने के लिए 5.00 करोड़ और परिवार पहचान पत्र के लिए 5.00 करोड़, ई-ग्रन्थालय के लिए 5.00 करोड़ और आबकारी विभाग में आईटी सुधार के लिए 3.00 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
आपदा प्रबन्धन विभाग के अन्तर्गत जोशीमठ व अन्य स्थानों में भू-धसांव एवं अन्य आपदाओं में राहत कार्य के लिए 263.94 करोड़ और जिलाधिकारियों के लिए आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्मपत्तियों के पुननिर्माण के लिए 13.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
आगामी कुम्भ मेला 2027 के दृष्टिगत वृहत् निर्माण कार्य के लिए 200 करोड़, पन्तनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 188.55 करोड़, लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत चालू कार्य के लिए 90.00 करोड़, पेयजल विभाग के अन्तर्गत केएफडब्लयू परियोजना के लिए 90.00 करोड़, अटल नवीनीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (90 फीसदी केंद्र पोषित) के लिए 48.00 करोड़ और ऋषिकेश को योग नगरी के रूप में विकसित करने के लिए 50.00 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
अनुपूरक बजट 2025-26 में हरिद्वार को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए 50.00 करोड़, पुलिस विभाग के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 60.00 करोड, मानसखंड माला मिशन (अवस्थापना सुविधा) के लिए 15.00 करोड़, विभिन्न विभागों में अवस्थापना कार्य के लिए 200.00 करोड़, रिस्पना बिन्दाल की एलिवेटेड रोड़ के भूमि क्रय एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 925.00 करोड़ और नंदा देवी राजजात यात्रा के निर्माण कार्य के लिए 40.00 करोड़ दिया गया है।
अनुपूरक बजट में पर्यटन स्थलों के आंतरिक मार्गों के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 25.00 करोड़, राष्ट्रीय हिमनद झील विस्फोट बाढ़ एवं जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के लिए 23.66 करोड़, हिमालयी भूकंप जोखिम मूल्यांकन एवं न्यूनीकरण योजना के लिए 05.00 करोड़, अस्पताल के निकट तीमारदारों के लिए विश्राम गृहों के निर्माण के लिए 05.00 करोड़, विद्युत टैरिफ सब्सिडी के लिए 125.00 करोड और प्रधानमंत्री आवास योजना (80 प्रतिशत केंद्र पोषित) के लिए लगभग 114.17 करोड़ का प्रवधान किया गया है।
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