कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहाकि विवि का लक्ष्य विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं बल्कि उन्हें ऐसा ज्ञान देना है जो सीधे रोजगार दिला सके। बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी के बाद सीएसबीएस पाठ्यक्रम इसी दिशा में हमारा दूसरा बड़ा कदम है। यह पाठ्यक्रम सूचना प्रौद्योगिकी और व्यापार प्रबंधन के ज्ञान को एक साथ मिलाकर छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करेगा।
मुख्यमंत्री का स्वप्न होगा साकार
प्रो.भारद्धाज ने बताया कि ये दोनों नए पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय की प्रगतिशील सोच को दर्शाते हैं। जहां बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी का पाठ्यक्रम मध्यप्रदेश को डेयरी कैपिटल बनाने के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के स्वप्न को साकार करेगा वहीं सीएसबीएस कोर्स छात्रों को तकनीकी और व्यापारिक कौशल दोनों में पारंगत बनाकर उन्हें आधुनिक बाजार की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगा।
उन्होने बताया कि विश्वविद्यालय की इस महत्वपूर्ण पहल में कार्यपरिषद सदस्यों का पूरा सहयोग मिला है। कार्यपरिषद के सदस्य रूपचंद पमनानी, राजेशसिंह कुशवाहए,वरुण गुप्ता,डॉ. संजय वर्मा,मंजूषा मिमरोट,डॉ. कुसुमलता निंगवाल और कुलसचिव डॉ.अनिल कुमार शर्मा ने इस दूरदर्शी निर्णय का स्वागत किया है। यह पूरे उज्जैन और समीपस्थ क्षेत्रों के लिए उपलब्धि है।
