द डेली स्टार अखबार की खबर के अनुसार आदेश में कहा गया है कि ये अधिकारी 2024 और 2025 में विभिन्न तिथियों पर विभागीय अधिकारियों की अनुमति के बिना ड्यूटी से अनुपस्थित रहे। यह सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियम-2018 के अंतर्गत “भगोड़ा” की श्रेणी में आता है।
निलंबित अधिकारियों में ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस, डीआईजी कार्यालयों, सशस्त्र पुलिस बटालियन, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य विशिष्ट इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इस सूची में डीएमपी के संयुक्त आयुक्त संजीत कुमार रे, चटगांव के अतिरिक्त डीआईजी रिफत रहमान शमीम और चटगांव रेंज डीआईजी कार्यालय के पुलिस अधीक्षक और डीएमपी के पूर्व उपायुक्त काजी अशरफुल अजीम भी शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि अधिकारी निलंबन अवधि के दौरान सिर्फ निर्वाह भत्ते के हकदार होंगे।
