आज 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। इस बार मुख्य कार्यक्रम कोलकाता के ऐतिहासिक ‘रेड रोड’ पर होगा। इसमें पीएम मोदी समेत 35 हजार लोग शामिल होंगे। इसके अलावा, हुगली नदी में 500 से ज्यादा नावों पर भी योग किया जाएगा। दुनियाभर में भी 2500 जगह पर योग से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इस बार योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग है। इस थीम का उद्देश्य यह बताना है कि योग सिर्फ फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर, मन और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का भी तरीका है। योग दिवस के लिए 21 जून का दिन क्यों चुना क्योंकि उत्तरी गोलार्ध में यह साल का सबसे लंबा दिन (ग्रीष्म संक्रांति) होता है। योग परंपरा के अनुसार, इसी दिन से भगवान शिव ने सप्तऋषियों को योग का ज्ञान देना शुरू किया था, इसलिए इसे योग की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है।
21 जून 2015 को नई दिल्ली के राजपथ पर पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। पीएम मोदी के साथ 35,985 लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने। 12 साल पहले यूएन में प्रस्ताव रखा था मोदी ने मोदी दूसरी बार पूर्वी राज्य में योग दिवस मनाएंगे योग दिवस पर अब तक 11 कार्यक्रम हो चुके हैं। सबसे ज्यादा 5 बार उत्तर भारत यानी दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, लखनऊ और श्रीनगर में हुए हैं। दो बार दक्षिण भारत के विशाखापट्टनम और मैसूर में हुए। पूर्वी भारत में दूसरी बार इसका आयोजन हो रहा है। कोलकाता से पहले 2019 में झारखंड में मनाया गया था। एक बार अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुआ। 190 से ज्यादा देशों में योग दिवस मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है, यानी संयुक्त राष्ट्र के लगभग सभी सदस्य देशों में किसी न किसी रूप में इसके कार्यक्रम आयोजित होते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका समेत दुनिया भर में मनाया जाता है। इसे दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक स्वास्थ्य और वेलनेस अभियानों में से एक माना जाता है। भारतीय दूतावास और संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी हर साल विशेष कार्यक्रम आयोजित करती हैं। आधुनिक योग में 200 से ज्यादा आसन, इनमें 6 सबसे आसान प्राचीन ग्रंथ हठ योग प्रदीपिका में 84 प्रमुख आसनों का उल्लेख मिलता है, जबकि आधुनिक योग में 200 से अधिक आसन प्रचलित हैं। इनमें से रोजमर्रा के लिए 6 आसन काफी सरल हैं। जिन्हें रोजाना किया जा सकता है। योग आसनों से जुड़े 4 रोचक फैक्ट्स… योग करने का सही समय क्या है, मेडिकल साइंस क्या कहता है? योग का कोई एक ‘अनिवार्य’ समय नहीं है, लेकिन सुबह खाली पेट योग करना सबसे बेहतर माना जाता है। इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं। 1. सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है: अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन (ACSM) के अनुसार, सुबह व्यायाम करने से नियमितता बनाए रखना आसान होता है और मानसिक ऊर्जा बढ़ती है। सुबह कॉर्टिसोल का स्तर स्वाभाविक रूप से अधिक होता है, जिससे शरीर सक्रिय रहता है।
2. खाली पेट योग क्यों: नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH), अमेरिका के अनुसार, भोजन के तुरंत बाद योग करने से पेट में असहजता, एसिडिटी और मतली की समस्या हो सकती है। इसलिए खाना खाने के कम से कम 2-3 घंटे बाद योग करने की सलाह दी जाती है।
योग डे आज, पीएम मोदी कोलकाता में योग करेंगे:35 हजार लोग जुटेंगे, हुगली नदी में 500 नावों पर योग; दुनियाभर में 2500 जगह कार्यक्रम
