अयोध्या राम मंदिर में आए चढ़ावे में 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे पर महंत कमल नयन दास ने कहा कि अगर कहीं कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए, लेकिन जांच कौन करेगा। जांच करने वाले खुद बेईमान हैं। जो हल्ला मचा रहे हैं, वो भी दूध के धुले नहीं हैं। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो कभी साइकिल पर चलते थे, आज बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूम रहे। आलीशान भवनों में रहते हैं। आखिर यह सब कैसे हुआ, इसका जवाब भी समाज को मिलना चाहिए। जो जैसा करेगा, भगवान उसे वैसा फल देंगे। इधर, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ‘X’ पर वीडियो जारी कर कहा- राम मंदिर में शीला पूजन के समय से ही चोरी हो रही है। कितने आरोप लग चुके हैं। जब मंदिर बनने लगा तो प्लॉट बिकने लगे। दो-दो मिनट में प्लॉट करोड़ में हो जाता था। वहां पहले से ही चंपत राय बैठे हैं। चंपत का मतलब ही होता है लेकर भाग जाना। दरअसल, सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने रविवार, 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई है। अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामले का संज्ञान लेना चाहिए। इस पर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने इस पर सफाई देते हुए कहा था- अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांगी। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी बुधवार को ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और लेखा-जोखा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। महंत बोले- अब भगवान ही न्याय करेंगे भाजपा नेता ने लेटर लिखकर कहा था- CBI, ED से जांच कराई जाए अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने लेटर लिखा था- राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे, दान और मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी विवाद या आरोप पर पारदर्शिता आवश्यक है। अगर आरोप निराधार हैं, तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जाए। खुद को मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले ने कहा था- चढ़ावे में कई साल से चोरी हो रही
खुद को मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने कहा था- मंदिर के चढ़ावे में कई साल से चोरी हो रही है। मंदिर परिसर में दान राशि की गणना के लिए एक विशेष कक्ष बनाया गया था, जहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे थे। इसके बावजूद कुछ लोगों की मिलीभगत से गड़बड़ी हो रही थी। उन्होंने कहा- मैंने खुद चोरी पकड़ी थी। इसकी शिकायत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी की थी। इसके बाद मुझे वहां से हटा दिया गया।मैं राजस्थान के रहने वाले हूं। पहले बैंक में काम करता था। जनवरी 2021 से मार्च-अप्रैल 2022 तक राम मंदिर में तैनात रहा। अखिलेश बोले- सीसीटीवी जारी करने में क्या दिक्कत है? चोरी के दावे पर नेताओं ने क्या कहा, जानिए… कौन हैं चंपत राय राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था जानिए… राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती बैंक कर्मचारी ट्रस्ट के लोगों की मौजूदगी में करते हैं। यह काम सीसीटीवी की निगरानी में होता है। दान की रकम को रजिस्टर पर चढ़ाया जाता है। फिर उसे राम मंदिर परिसर में ही बने लॉकर में रख दिया जाता है। अगले दिन रुपए बैंक में जमा कर दिए जाते हैं। ट्रस्ट का मुख्य खाता अयोध्या धाम के भारतीय स्टेट बैंक में है। चढ़ावे की रकम के ऑडिट का पूरा काम टीसीएस (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज) की निगरानी में किया जाता है। राम मंदिर में चढ़ावा कितना आता है। इसकी जानकारी ट्रस्ट की बैठक में ही दी जाती है। आखिरी बार दिसंबर 2025 में चढ़ावे की जानकारी दी गई थी। मंदिर पर 2,475 करोड़ रुपए खर्च 13 दिसंबर, 2025 को मंदिर ट्रस्ट की बैठक में जानकारी सामने आई थी कि अब तक ट्रस्ट को कुल 4,575 करोड़ रुपए मिले हैं। पिछले 5 साल 9 महीने में मंदिर निर्माण, श्रीराम जन्मभूमि परिसर के विस्तार, जमीन और भवन की खरीद सहित अन्य कई कामों पर 2,475 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। तब ट्रस्ट के पास लगभग 2100 करोड़ रुपए बचे थे। अयोध्या के राम मंदिर में रोज एक करोड़ रुपए से ज्यादा का दान राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2024 को हुई थी। बीते दो सालों में राम मंदिर की तस्वीर तेजी से बदली है। मंदिर की आय का मुख्य स्रोत दान और बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज है। ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर की अचल संपत्तियों में लगभग 70 एकड़ का मुख्य परिसर और उसके आसपास की अधिग्रहित भूमि है। साथ ही निर्माणाधीन मंदिर की भव्य संरचना (जिसकी निर्माण लागत ही ₹1,800 करोड़ से अधिक है), इसकी कुल संपत्ति को ₹6,000 करोड़ से ₹8,000 करोड़ के पार ले जाती है। 5 फरवरी 2020 को बना था श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट —————- ये खबर भी पढ़ेंः- नौकरी जॉइन करने से 2 दिन पहले पति की हत्या:5 साल का अफेयर, 4 महीने पहले शादी; पत्नी बोली- भाई मुझे भी मारना चाहता था ‘शादी के बाद हम दोनों काफी खुश थे, लेकिन घर वाले नाराज थे। भाई और मामा हमें जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसलिए हमने घर छोड़ दिया। मुजफ्फरनगर में एक रिश्तेदार के घर रहने लगे। पति कहते थे- सब सही हो जाएगा। उसकी SSF में नौकरी लग गई थी। आज (11 जून) ज्वाइनिंग थी, लेकिन उन लोगों ने पहले ही उसकी जिंदगी छीन ली।’ ये बातें पुलिस भर्ती परीक्षा देने सहारनपुर आई आकांक्षा ने रोते हुए कहीं। जिनके पति शिवकुमार की मंगलवार को परीक्षा केंद्र से 500 मीटर दूर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आकांक्षा ने अपने भाई, पिता, मामा और रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
शंकराचार्य बोले- राम मंदिर में शुरू से चोरी हो रही:जिस ट्रस्ट में चंपत राय हों, वहां लेकर भागने का काम ही होगा
