उज्जैन में BJP विधायक मैथिली ठाकुर की भजन संध्या:CM ने कहा-अब शिप्रा जल से होगा सिंहस्थ स्नान; अर्पित की 351 फीट चुनरी

Spread the love

उज्जैन में गंगा दशहरा पर आयोजित मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का मंगलवार को रामघाट पर भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भजन गायिका और बिहार के अलीनगर से भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति रही। उनके भजनों ने रामघाट पर भक्तिमय माहौल बना दिया। वहीं, भारतीय नौसेना के बैंड ने भी पहली बार प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां शिप्रा में दीप प्रवाहित कर पूजा-अर्चना की। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने घाट पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सपत्नीक शामिल हुए। उन्होंने मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी समर्पित की और नदी में दूध अर्पित कर पूजा की। रामघाट पर देर रात तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन चलता रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां शिप्रा मोक्षदायिनी नदी है। प्रदेश में 10 हजार करोड़ रुपए की लागत से 230 विधानसभा क्षेत्रों में जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो अभियान में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सिंहस्थ को लेकर कहा कि 2016 में नर्मदा के जल से सिंहस्थ स्नान कराया गया था, यह बात खटकती थी। अब महाकाल की कृपा से आने वाले सिंहस्थ में शिप्रा के जल से ही स्नान होगा। शिप्रा के दोनों ओर 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गुजरात का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सोमनाथ ज्योतिर्लिंग और भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका स्थित है। सरदार वल्लभभाई पटेल से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद तक कई महान व्यक्तित्वों ने गुजरात को गौरवान्वित किया है। देखें तस्वीरें… दो दिन चली परिक्रमा यात्रा मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा सोमवार से शुरू हुई थी। यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। जगह-जगह ठंडा पानी, शरबत, फल और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। दत्त अखाड़ा घाट पर इंदौर के कलाकार श्रेयांश शुक्ला और जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पहले दिन यात्रा रामघाट से शुरू होकर नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांतिधाम होते हुए दत्त अखाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा और वाल्मीकि धाम से होकर वापस रामघाट पहुंची। कार्यक्रम के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए गए ब्लॉग से गुजर जाइए…