22 अगस्त को मनाया जाएगा ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस

Spread the love

डॉ. शेखावत ने बताया कि बच्चों में पेट के कीड़े (कृमि) खून की कमी, भूख न लगना, बेचैनी, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, और मल में खून आने जैसी समस्याएं पैदा करते हैं, जिससे उनकी शारीरिक एवं मानसिक वृद्धि प्रभावित होती है। इसी कारण, जिले के हर पात्र बच्चे को कृमिनाशक दवा देने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यवाहक डिप्टी सीएमएचओ, जयपुर प्रथम (प.क.) डॉ. धर्मेंद्र कराडिया ने बताया कि इस दिन विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दवा वितरण किया जाएगा। जो बच्चे किसी कारणवश 22 अगस्त को दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 29 अगस्त को ‘मॉप-अप दिवस’ के तहत दवा दी जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा वंचित न रह जाए।

उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने में जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग का सक्रिय सहयोग रहेगा। चिकित्सा विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों को दवा के सुरक्षित वितरण और बच्चों को सही मात्रा में देने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।