‘अपनी मां के खोने के बाद यमुनाजी ही मेरी मां हैं। उनकी दुर्दशा से बहुत दुखी हूं। मेरी मां कई सालों से बीमार हैं। मां यमुना को इन पार्टियों ने मुद्दा बना दिया है। यमुना में जहर घोला जा रहा। मेरा यह कॉकरोच रूप मां यमुना को इन गंदे नालों से मुक्ति दिलाएगा।’ यह कहना है दीपक शर्मा का, जो मथुरा में कॉकरोच बनकर नाचते हुए अफसरों के सामने पहुंचे थे। चर्चा में आने के बाद 23 मई को जब दैनिक भास्कर की टीम इनके पास पहुंची, तो नाले में प्रदर्शन कर रहे थे। बहुत कहने पर भी नाले से बाहर नहीं निकले। उन्होंने वहीं से रोते हुए अपनी पीड़ा बताई। दीपक इस तरह से प्रदर्शन क्यों कर रहे? उन्होंने कॉकरोच रूप क्यों धारण किया? सरकार और प्रशासन से उनकी क्या मांगें हैं? जानते हैं दीपक शर्मा से… सबसे पहले जानिए दीपक शर्मा के बारे में… वृंदावन की पॉश सोसाइटी राधा फ्लोरेंस में 30 साल के दीपक शर्मा परिवार के साथ रहते हैं। 6 महीने पहले तक वो कथा-भागवत करते थे। लेकिन, अब दीपक समाजसेवा में अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं। दीपक का कहना है- मैंने अपनी मां के खोने के बाद यमुनाजी को मां माना है। उनकी दुर्दशा से दुखी हूं। पढ़िए दीपक से हुई बातचीत… सवाल: आप कॉकरोच बनकर प्रदर्शन कर रहे, आपके परिवार में कौन-कौन है?
जवाब: (रोते हुए) मेरे परिवार में पिता ब्रजबिहारी, पत्नी आशा, 6 साल की बेटी प्रणिका और ढाई साल का बेटा नीलांक है। इनके अलावा चाचा और फूफा भी हैं। आज से करीब 6 महीने पहले मैं पंडिताई और कथा-भागवत करता था। लोगों को धर्म और सनातन के बारे में बताता था। लेकिन, अब मुझे अपनी मां को बचाना है। उन्हें स्वस्थ करना है। इसलिए अब मैंने अपना जीवन देश और समाज के नाम कर दिया है। सवाल: पहले नगर निगम में फिर नाले में प्रदर्शन किया। क्या मकसद है?
जवाब: भगवान श्रीकृष्ण की यमुना में गंदे नाले गिराए जा रहे हैं। भगवान के जमाने में यहां कालिया नाग आया था। लेकिन, अब लगातार जहर घोलकर मां यमुना को दूषित किया जा रहा है। अगर ये कॉकरोच रूप मेरी मां यमुना को इस गंदे नाले से मुक्ति दिलाएगा, तो इसके लिए मुझे मौत भी मंजूर है। जब तक ये गंदे नाले बिना ट्रीटमेंट के इसमें गिराए जाते रहेंगे, तब तक मैं यहां से नहीं हटूंगा। हां, पहले मैंने नगर निगम में जाकर प्रोटेस्ट किया था। क्योंकि, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि चाहे कोई भी समस्या हो, चाहे पर्यावरण की हो या वातावरण की, सभी के लिए स्टेट जिम्मेदार है। इसलिए मैं नगर निगम कार्यालय गया था। मैंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की थी। लेकिन, उस पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। नगर निगम जाने के बाद अब नगर आयुक्त फोन कराकर मुझे धमकी दिला रहे हैं। बार-बार बुला रहे हैं। तो क्या करूं अब मैं? इसलिए नालों के खिलाफ मैंने सीधे नाले में ही आकर प्रदर्शन किया। सवाल: आप नाले से बाहर नहीं आ रहे, बीमार हो जाएंगे तो?
जवाब: आपको आज लग रहा है कि मैं बीमार हो जाऊंगा। मेरी मां तो कई सालों से बीमार है। इन पार्टियों ने मां यमुना को मुद्दा बना दिया है। जिम्मेदारों ने यमुना में गिरते नालों को आजतक सील नहीं किया। सवाल: आपने प्रदर्शन के लिए कॉकरोच की ड्रेस पहनना ही क्यों चुना?
जवाब: कॉकरोच नाम तो खुद माननीय सर्वोच्च न्यायाधीश ने ही दिया है। हमने कहां चुना है? अगर सरकार को आईना दिखाने, गंदगी-प्रदूषण के लिए लड़ने वाले को कॉकरोच कहा जाता है, तो मुझे फख्र है। मैं कहता हूं कि अंधभक्तों को पार्टी छोड़कर यमुना के लिए आना चाहिए। सवाल: कॉकरोच की तरह आपको तैयार कौन करता है?
जवाब: मैंने खुद कॉकरोच की तरह अपना मेकअप किया। अपने परिवार-समाज से बाहर आकर मैंने ये मुहिम छेड़ी है। अपनी जान जोखिम में डालकर मैं ये कर रहा हूं। मां यमुना ने मुझे दिल से पुकारा है। सवाल: प्रदर्शन के दौरान आपने किस गाने पर डांस किया?
जवाब: मैं अपने साथ पोर्टेबल स्पीकर रखता हूं। उसे मोबाइल से कनेक्ट करता हूं। फिर प्रदर्शन के दौरान उसमें गाना बजाकर डांस करता हूं। मैं कॉकरोच जनता पार्टी का थीम सॉन्ग बजाता हूं। गाने पर नाचते हुए प्रदर्शन करता हूं। जिससे आते-जाते लोग भी यमुना मां के प्रति जागरूक हों। सवाल: यमुना में कितने नाले गिर रहे हैं?
जवाब: एक नाला तो आपके सामने है, जिसमें मैं खड़ा हूं। लेकिन, मथुरा में हजारों नाले यमुना नदी में छोड़े जा रहे हैं। नालों के पानी को साफ करके यमुना में जब तक नहीं डाला जाएगा, तब तक मैं बाहर नहीं निकलूंगा। सवाल: क्या आप कॉकरोच जनता पार्टी की विचारधारा से प्रभावित हैं?
जवाब: कॉकरोच जनता पार्टी तो हो ही नहीं सकती। आप किस पार्टी की बात कर रहे हैं? इलेक्शन कमीशन की गाइडलाइन के तहत कोई इस तरह की पार्टी बन ही नहीं सकती। सब कुछ सरकार के हाथ में है। जब पार्टी बन ही नहीं सकती, तो मैं प्रभावित कहां से होऊंगा। अब पढ़िए कॉकरोच जनता पार्टी के बारे में… ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक ऑनलाइन कैंपेन है। 16 मई को X पर एक गूगल फॉर्म जारी हुआ। इसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ लिखी एक तस्वीर के साथ कैप्शन था- सभी कॉकरोचों के लिए एक नया प्लेटफॉर्म शुरू किया जा रहा है। अगर आप जॉइन करना चाहते हैं, तो लिंक पर क्लिक करें। पार्टी जॉइन करने के लिए 4 जरूरी योग्यताएं बताई गईं- अनइम्प्लॉइड, लेजी, क्रॉनिकली ऑनलाइन, एबिलिटी टू रैंट प्रोफेशनली। 16 मई को ही कॉकरोच जनता पार्टी का ऑफिशियल X हैंडल- @CJP_2029, पार्टी की वेबसाइट cockroachjantaparty.org और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया गया। इसके बाद लोग लगातार CJP से जुड़ रहे हैं। CJP पर आरोप लग रहा है कि इंस्टाग्राम पर उसके ज्यादातर फॉलोअर्स पाकिस्तान, बांग्लादेश और अमेरिका जैसे देशों के हैं। भारत के सिर्फ 9% फॉलोअर्स हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। 96% फालोअर्स भारतीय हैं। 21 मई को CJP का X अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया था। जब पुराना अकाउंट बंद हुआ, तब 1.93 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा। बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय, यानी कॉकरोच मरते नहीं। नए अकाउंट से पहली पोस्ट कल दोपहर 2:29 बजे की गई थी। अभिजीत ने पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने की कोशिश का आरोप भी लगाया है। वहीं, CJP अपनी वेबसाइट पर खुद को उन लोगों की राजनीतिक पार्टी बताती है, जिन्हें व्यवस्था ने कभी गिनती में नहीं लिया। वेबसाइट पर लिखा है- पांच मांगें, कोई स्पॉन्सर नहीं, लेकिन बड़ा और जिद्दी झुंड। CJI ने कहा था- कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे 15 मई, 2026 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। लाइव लॉ के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा था- कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं। इसके अगले दिन कॉकरोच जनता पार्टी नाम से डिजिटल पहल शुरू हुई। वहीं, CJI ने अपने बयान पर विवाद बढ़ने पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। अभिजीत अमेरिका में पढ़ रहे, AAP में काम कर चुके 30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं। ———————- ये खबर भी पढ़िए- यूपी में बिजली संकट, अखिलेश पर भड़के मंत्री शर्मा:कहा- आईना उठाइए तो पहले खुद देखिए; कटौती पर कई जिलों में हंगामा यूपी में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहरा गया है। लखनऊ, वाराणसी और कानपुर में शुक्रवार को बिजली कटौती से नाराज लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस बीच मंत्री एके शर्मा ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर पलटवार किया। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा- अखिलेश जी, जब भी आईना उठाइए तो पहले खुद देखिए, फिर दिखाइए। यही नहीं, सपा प्रमुख के बयान से भड़के एके शर्मा ने ‘X’ पर 19 पॉइंट में जवाब दिया। इसमें उन्होंने सपा सरकार के शासन में प्रदेश की बिजली सप्लाई और कटौती का भी जिक्र किया है। पूरी खबर पढ़िए
‘कॉकरोच’ मैन बोला- यमुना मां को बचाना है:मथुरा में नदी साफ नहीं हुई तो जान दे दूंगा; मुझे धमकी दी जा रही
