दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी उमर खालिद को 3 दिन की अंतरिम जमानत दी। जमानत 1 जून सुबह 7 बजे से 3 जून शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगी। खालिद को इसके लिए 1 लाख रुपए का निजी मुचलका भरना होगा। हाईकोर्ट ने कहा- उमर को पहले भी पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए अंतरिम जमानत मिल चुकी है। उन्होंने अदालत की शर्तों का पालन किया था। वह इस मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है, लेकिन उनकी मां की मेडिकल स्थिति को देखते हुए सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया गया। उमर ने कोर्ट में 22 मई से 5 जून तक 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी। याचिका में कहा था कि वह अपने स्व. मामा के चेहलुम में शामिल होना चाहता है। साथ ही अपनी 62 साल मां की 2 जून को होने वाली लंप एक्सिशन सर्जरी के दौरान उनकी देखभाल करना चाहता है। जमानत के लिए कोर्ट की शर्तें खालिद की 8 बार जमानत याचिकाएं, 7 बार खारिज उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगाईं। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। खालिद ने ऐसे लगाईं याचिकाएं… ट्रायल कोर्ट 24 मार्च 2022: पहली ट्रायल कोर्ट (कड़कड़डूमा) ने जमानत खारिज हुई। 28 मई 2024: ट्रायल कोर्ट ने दूसरी बार जमानत याचिका खारिज की। 19 मई 2026: ट्रायल कोर्ट ने अंतरिम जमानत याचिका खारिज की। हाईकोर्ट 18 अक्टूबर 2022: हाईकोर्ट ने प्रथम अपील/याचिका को खारिज किया। 2 सितंबर 2025: एक बड़े बैच में संशोधित/नयी याचिकाएं हाईकोर्ट ने फिर से खारिज कीं। 22 मई 2026: दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 दिन की अंतरिम जमानत की। सुप्रीम कोर्ट: 14 फरवरी 2024: सुप्रीम कोर्ट में दायर जमानत याचिका को खालिद ने वापस ले लिया। हालांकि खारिजी नहीं, लेकिन राहत नहीं मिली। 5 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
उमर खालिद को 3 दिन की अंतरिम जमानत:1 जून से 3 जून तक प्रभावी रहेगी; घर से केवल अस्पताल जाने की परमिशन
