केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में आचार्य रघुवीर केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक, पद्मश्री से सम्मानित प्रो. एसआर रंगनाथन की 133वीं जयंती पर राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सीयू के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने “शैक्षणिक बोध की अनुभूति : एएआईएक्स डिजिटल लाइब्रेरी” का उद्घाटन किया।
कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि “शैक्षणिक बोध की अनुभूति : एएआईएक्स डिजिटल लाइब्रेरी” नवीनतम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स जैसे कोपाइलट, चैट जीपीटी, स्कोपस एआई, टर्नइटिन आदि का अन्वेषण करने का अवसर प्रदान करती है जो शैक्षणिक और नए अनुभवों को नवीन स्तर तक ले जाएंगे। शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के एकीकरण ने शैक्षणिक शिक्षा को पूरी तरह से बदल दिया है, जिससे विद्यार्थियों के विकास के लिए अवसर और चुनौतियां दोनों उत्पन्न हुई हैं।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया जिसमें विश्वविद्यालय के हितधारकों के लिए डिजिटल संसाधनों की विस्तृत श्रृंखलाओं और समूहों की सदस्यता शामिल है। शैक्षणिक पुस्तकालय अनुसंधान और शिक्षण को समर्थन देने के मूल ध्येय को बनाए रखते हुए एआई तकनीकों का लाभ उठा सकते हैं।
कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने पद्मश्री से सम्मानित प्रो. एसआर रंगनाथन की जयंती पर अपने संबोधन में वर्तमान परिदृश्य में पुस्तकालय विज्ञान के उनके पांच नियमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. रोशन लाल शर्मा, प्रो. संजीव महाजन, प्रो. निरुपमा सिंह, प्रो. दीपांकर, प्रो. राम प्रवेश राय, प्रो. अर्चना कटोच, प्रो. बृहस्पति मिश्रा, अन्य संकाय सदस्यों, विद्वानों और शोधार्थियों-विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
