ब्रेन डेड युवक के हार्ट-लिवर लेकर निकली सेना:रोहतक से दिल्ली और चंडीगढ़ तक ग्रीन कॉरिडोर; 3 दिन पहले गड्‌ढे के कारण हुआ एक्सीडेंट

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हरियाणा में भिवानी के ब्रेन डेड घोषित किए गए 28 साल के युवक विशाल के अंग दान की प्रक्रिया शनिवार सुबह पूरी की गई। विशाल सिंचाई विभाग में जॉब करता था। रोहतक पीजीआई से शनिवार अलसुबह उसका हार्ट और लिवर लेकर सेना की टीमें रवाना की गईं। पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल के मुताबिक, विशाल का हार्ट सुबह 7.32 बजे दिल्ली में मणिपाल हॉस्पिटल भेजा गया। इसे रोहतक से मात्र 45 मिनट में दिल्ली के अस्पताल पहुंचा दिया गया। आर्मी की एक टीम विशाल का लिवर लेकर दिल्ली के ही आरआर हॉस्पिटल के लिए रवाना हुई। आर्मी की तीसरी टीम विशाल की किडनी को चंडीगढ़ के पास चंडीमंदिर स्थित आर्मी अस्पताल एयरलिफ्ट करके ले गई। 13 मई को गड्‌ढे की वजह से हुए एक्सीडेंट में बाइक पर सवार विशाल के सिर में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद रोहतक पीजीआई में उसके टेस्ट करवाए गए। वहां ब्रेन-डेड घोषित किए जाने के बाद विशाल के परिवार ने उसके अंगदान करने का फैसला लिया जिससे कई लोगों को नई जिंदगी मिलेगी। विशाल के ऑर्गन दिल्ली-चंडीगढ़ भेजने के कुछ PHOTOS…. कौन है विशाल, जिसके ऑर्गन देंगे कई लोगों को नई जिंदगी… क्या है ब्रेन डेड, दूर करें भ्रम सोटो के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि आमजन में सबसे बड़ा भ्रम ब्रेन डेड को लेकर है। लोग इसे कोमा समझ लेते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि ब्रेन डेड मृत्यु की कानूनी और चिकित्सकीय रूप से पुष्टि है। इसमें ब्रेन स्टेम डेथ होती है। वेंटिलेटर पर सिर्फ दिल कुछ घंटे या दिन धड़कता है, क्योंकि उसे मशीन से ऑक्सीजन मिल रही है। मशीन हटाते ही दिल की धड़कन रुक जाती है। ऐसे में अंगदान ही एकमात्र विकल्प है। एक डोनर बचा सकता 8 जीवन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने बताया कि एक ब्रेन डेड व्यक्ति के अंगदान से करीब 8 लोगों की जान बचाई जा सकती है। देश में हर साल करीब 5 लाख लोग अंगों के इंतजार में दम तोड़ देते हैं। हर 10 मिनट में इस सूची में एक नया नाम जुड़ जाता है। पीजीआई रोहतक से पहले भी तीन बार अंगदान की प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में भर्ती सैन्य अधिकारी की पत्नी और पानीपत के रहने वाले 16 वर्षीय हर्ष के अंगदान किए गए थे। परिवार की अपील, आगे आएं लोग युवक विशाल के पिता ने कहा कि बेटा तो चला गया, पर उसका जाना बेकार नहीं जाएगा। उसके अंगों से किसी मां का बेटा बच जाएगा, किसी बच्चे को पिता मिल जाएगा, तो हमारे बेटे को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हम चाहते हैं कि हमारे जैसे और परिवार भी यह कदम उठाएं। युवक की पत्नी ने कहा कि उसका पति हमेशा देश की भलाई के लिए सोचता था और आज जाते जाते भी अपने देशवासियों के काम आ गया। ———————- ये खबर भी पढ़ें… रोहतक PGI से पहली बार ऑर्गन एयरलिफ्ट:एक्सीडेंट में लड़के का ब्रेनडेड हुआ, परिवार ने अंग दान किए; किडनी आर्मी जवान की पत्नी को लगेगी रोहतक PGI में 16 वर्षीय लड़के के ऑर्गन डोनेट किए गए। युवक का सड़क हादसे में ब्रेन डेड हो गया था। रविवार को उसकी एक किडनी पंचकूला स्थित चंडी आर्मी अस्पताल भेजी गई। यह पहली बार है जब रोहतक PGI से किसी ऑर्गन को एयरलिफ्ट किया गया। (पूरी खबर पढ़ें)