मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को TVK विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति पर 17वीं विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव समेत किसी भी वोटिंग में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है। सेतुपति ने तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर DMK उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट से हराया था। सेतुपति को 83,365 वोट मिले, वहीं पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले थे। पेरियाकरुप्पन ने वोटों की दोबारा गिनती और श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक के तौर पर शपथ लेने से रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश की भी मांग की थी। जस्टिस एल विक्टोरिया गौरी और एन सेंथिलकुमार की वेकेशन बेंच की तरफ से लगाई गई रोक के बाद सेतुपति किसी भी अविश्वास प्रस्ताव पर भी वोट नहीं दे सकते। संयोग से CM जोसेफ विजय की TVK सरकार को 13 मई को अपना फ्लोर टेस्ट देना है। जो मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद होने वाला है। चुनाव आयोग को हलफनामा दायर करने का आदेश पेरियाकरुप्पन ने 23 अप्रैल हुए 17वें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में शिवगंगा जिले के 185 तिरुप्पत्तूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। 4 मई को TVK उम्मीदवार सेतुपति को विजयी घोषित किया गया। याचिका में पेरियाकरुप्पन ने मतगणना प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि EVM में दर्ज राउंड-वार वोटों की संख्या और भारतीय चुनाव आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित आंकड़ों के बीच 18 वोटों का अंतर था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि तिरुप्पत्तूर सीट के लिए निर्धारित एक डाक वोट गलती से तिरुप्पत्तूर के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 50 में भेज दिया गया था। रिटर्निंग ऑफिसर ने वोट को सही जगह भेजने के बजाय उसे अमान्य घोषित कर दिया। इसके बाद रविवार को हाईकोर्ट ने एक आदेश में चुनाव आयोग से कहा कि वह एक हलफनामा दायर करे, जिसमें बताए कि उसने DMK उम्मीदवार पेरियाकरुप्पन के अभ्यावेदन का जवाब क्यों नहीं दिया था। तमिननाडु विधानसभा की 3 तस्वीरें… तमिलनाडु की राजनीति में आज के 3 बड़े घटनाक्रम
तमिलनाडु विधानसभा में वोट नहीं दे पाएगा विजय का विधायक:मद्रास हाईकोर्ट ने रोक लगाई; DMK उम्मीदवार को 1 वोट से हराया था
