केदारनाथ यात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस से लापता हुईं 29 वर्षीय प्रज्ञा सिंह पांच दिन बाद बिहार के बेगूसराय में सुरक्षित मिल गई हैं। पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर लक्सर थाने पहुंची है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। थाने में प्रज्ञा का परिवार भी मौजूद है। मामले में आज उत्तराखंड पुलिस पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकती है। प्रज्ञा के भाई विभूम ने फोन पर बातचीत में बताया कि उनकी बहन फिलहाल स्वस्थ दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अभी प्रज्ञा से पूछताछ कर रही है, जिसके बाद परिवार के लोग उनसे मिल सकेंगे और बातचीत कर पाएंगे। हालांकि, मामले में अब भी सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर प्रज्ञा ट्रेन से कैसे गायब हुईं और बिहार तक किन परिस्थितियों में पहुंचीं। पुलिस अब उनके बयान के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी। जानकारी के मुताबिक, प्रज्ञा सिंह 5 मई की रात अपने पति मनीष के साथ देहरादून से गाजियाबाद जा रही नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रही थीं। पति मनीष के अनुसार, हरिद्वार तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, इसके बाद उन्हें नींद आ गई। मनीष ने बताया कि जब ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन के पास पहुंची तो उनकी आंख खुली और उन्होंने देखा कि प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थीं। शुरुआत में उन्हें लगा कि वह वॉशरूम गई होंगी, लेकिन काफी देर तक वापस न लौटने पर उन्होंने पूरी ट्रेन में तलाश शुरू की। रात 1 बजे खुली आंख, सीट खाली मिली प्रज्ञा के भाई विभूम के मुताबिक, रात करीब 1 बजे उनके जीजा मनीष अग्रहरि ने फोन कर बताया कि प्रज्ञा ट्रेन में कहीं नहीं मिल रही हैं। पहले उन्हें लगा कि शायद वह किसी दूसरी बोगी या वॉशरूम में होंगी, लेकिन काफी देर तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद मनीष ने पूरी ट्रेन में खोजबीन की। परिवार के मुताबिक, घबराए मनीष मुजफ्फरनगर स्टेशन पर उतरे और रेलवे पुलिस से मदद मांगी। वहां CCTV कैमरों की जांच कराने की कोशिश हुई, लेकिन पुलिस ने बताया कि स्टेशन के कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद परिवार के लोग रुड़की स्टेशन भी पहुंचे, लेकिन वहां भी CCTV बंद मिले। यहीं से परिवार की चिंता और बढ़ गई। एक तरफ नवविवाहिता रहस्यमय तरीके से गायब थी, दूसरी तरफ उन स्टेशनों पर कैमरे बंद थे जहां से कोई सुराग मिल सकता था। लक्सर के पास मिली आखिरी लोकेशन परिवार के अनुसार, प्रज्ञा के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन लक्सर के आसपास मिली थी। बताया जा रहा है कि इस रूट पर ट्रेन एक मोड़ के पास धीमी होती है। इसी के बाद परिवार ने हरिद्वार जिले के लक्सर थाने में प्रज्ञा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। भाई विभूम का कहना है कि 6 मई की रात करीब 2 बजे से पूरा परिवार लगातार प्रज्ञा की तलाश में जुटा हुआ है। पुलिस की टीम भी खोजबीन कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। परिवार ने रुड़की से मुजफ्फरनगर के बीच रेलवे ट्रैक पर पैदल चलकर भी तलाश की। कई किलोमीटर तक पुलिस के साथ सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आई। परिवार अब पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर तेजी से कार्रवाई की मांग कर रहा है। पूरी ट्रेन में तलाश के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग मनीष ने दोनों वॉशरूम चेक किए और आसपास के डिब्बों में भी पूछताछ की, लेकिन प्रज्ञा का कोई पता नहीं चला। उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था। ट्रेन स्टेशन पर रुकी तो वहां भी खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई और बाद में मामला रुड़की थाने ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीसीटीवी कैमरे बंद होने से उलझी जांच इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि रुड़की और मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों से कोई फुटेज नहीं मिल सकी। पति मनीष का आरोप था कि दोनों स्टेशनों के कैमरे खराब थे, जिसके चलते यह तक पता नहीं चल सका कि प्रज्ञा ट्रेन से उतरी थीं या नहीं। पुलिस ने किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए रेलवे ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया। कई किलोमीटर तक ट्रैक खंगाले गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। कॉल डिटेल और चैट की जांच भी नहीं दे सकी जवाब जांच के दौरान पुलिस ने प्रज्ञा के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मैसेज और व्हाट्सऐप चैट भी खंगालीं, लेकिन उनमें किसी संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले। यही वजह रही कि यह मामला धीरे-धीरे ब्लाइंड केस बनता जा रहा था। प्रज्ञा की तलाश में उत्तराखंड पुलिस, रेलवे पुलिस और दूसरी एजेंसियों की कई टीमें लगातार काम कर रही थीं। छह दिन बाद बिहार के बेगूसराय में मिलीं प्रज्ञा लगातार छह दिन की तलाश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में हैं। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया। पति मनीष ने बताया कि पुलिस ने उन्हें सूचना दे दी है और संभावना है कि प्रज्ञा को जल्द लक्सर लाया जाएगा। इसके बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस ने प्रज्ञा को अपनी कस्टडी में रखा है और उनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनके बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला स्वेच्छा से कहीं जाने का था, किसी दबाव का या इसके पीछे कोई और कारण है। उधर, पिछले छह दिनों से रुड़की में डेरा डाले परिवार वालों ने राहत की सांस ली है। ढाई महीने पहले हुई थी लव मैरिज परिवार के मुताबिक, मनीष अग्रहरि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि प्रज्ञा हाउसवाइफ थीं। दोनों ने फरवरी 2026 में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों खुश थे और पहली बार साथ में धार्मिक यात्रा पर निकले थे। विभूम बताते हैं कि बहन के लापता होने के बाद से मनीष लगातार उसकी तलाश में लगे हुए हैं। वह खुद पुलिस के साथ इधर-उधर दौड़ रहे हैं। परिवार का कहना है कि अगर कोई विवाद या तनाव होता तो वह सामने आता, लेकिन फिलहाल उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि प्रज्ञा ट्रेन से गायब हो गईं।
ट्रेन से गायब प्रज्ञा 5 दिन बाद बेगूसराय में मिली:केदारनाथ से लौट रहा था कपल; ढाई महीने पहले हुई शादी, सोता रहा पति
