सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ केस- सभी 22 आरोपी बरी:बॉम्बे HC बोला- ठोस सबूत नहीं, संदेह पर सजा नहीं दे सकते; ट्रायल कोर्ट का फैसला बरकरार

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को साल 2005 के सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ केस में सभी 22 आरोपियों को बरी करने का फैसला बरकरार रखा है। इस मामले में सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की भी हत्या हो गई थी। मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की बेंच ने सोहराबुद्दीन के भाइयों, रुबाबुद्दीन, नयाबुद्दीन की अपीलों को खारिज कर दिया। जिन 22 को आरोपमुक्त किया गया है, उनमें गुजरात व राजस्थान पुलिस के जूनियर लेवल के अफसर थे। उन पर आरोप था कि वे उस टीम का हिस्सा थे जिसने इन तीनों का अपहरण किया और बाद में फर्जी मुठभेड़ में उन्हें मार गिराया। बाकी एक आरोपी गुजरात के एक फार्महाउस का मालिक था, जहां सोहराबुद्दीन और कौसर बी को उनकी हत्या से पहले अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस साक्ष्यों के संदेह के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती। इस केस में अमित शाह, आईपीएस डीजी वंजारा, आईएएस राजकुमार पांडियन और दिनेश एमएन पहले ही बरी हो चुके हैं। अब जानिए क्या है पूरा मामला चश्मदीद समेत 3 हत्याएं, 201 में 92 गवाह मुकरे ……………….. यह खबर भी पढ़ें… सुवेंदु अधिकारी के पीए के आखिरी 90 मिनट: हमलावरों ने स्कॉर्पियो के सामने कार लाकर रास्ता रोका; गोलियां मारीं, 2 सीने में, एक पेट में लगी पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। 42 साल के चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम जा रहे थे, जहां वे किराए के घर में अकेले रहते थे। हमलावर ने उन्हें सीने में दो और एक पेट में गोली मारी। पूरी खबर पढ़ें…