यमुनानगर शहर के ग्रीन पार्क इलाके के मकानों से सटी सिविल अस्पताल की जर्जर बाउंड्री वॉल का करीब 105 मीटर लंबा हिस्सा रात को तेज धमाके के साथ भरभराकर गिर पड़ा। उस वक्त आसपास के घरों में लोग गहरी नींद में सो रहे थे। जोरदार आवाज सुनकर लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दीवार गिरने से आसपास के मकानों पर खतरा और भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही प्रशासन को दीवार की खराब हालत के बारे में चेताया था, लेकिन समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया। पहले से जर्जर थी 105 मीटर लंबी दीवार स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्रीन पार्क में सिविल अस्पताल से सटी करीब 105 मीटर लंबी बाउंड्री वॉल लंबे समय से जर्जर हालत में थी। दीवार में कई जगह दरारें साफ दिखाई दे रही थी। वे लगातार इसकी शिकायत प्रशासन को देते रहे, लेकिन मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इलाके के उन्होंने 15 अप्रैल को भी संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप में अवगत कराया था कि दीवार कभी भी गिर सकती है और इससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती गई। धमाके से टूटी नींद, बाहर आकर देखा मंजर कॉलोनी के सुदर्शन कुमार ने बताया कि उनका घर अस्पताल की दीवार से सटा हुआ है। दीवार करीब साढ़े 13 इंच चौड़ी थी, लेकिन हालत बेहद खराब थी। उन्होंने तीन बार शिकायत दी थी और अधिकारी निरीक्षण करने भी आए थे, लेकिन मरम्मत नहीं करवाई गई। बीती रात अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे उनकी नींद खुल गई। बाहर निकलकर देखने पर पहले कुछ समझ नहीं आया, लेकिन पीछे जाकर देखा तो दीवार का बड़ा हिस्सा गिरा पड़ा था। बारिश में बढ़ सकता है खतरा स्थानीय निवासी मधू मेहता का कहना है कि यदि टूटी हुई दीवार का जल्द पुनर्निर्माण नहीं किया गया, तो बारिश के मौसम में हालात और गंभीर हो सकते हैं। दीवार गिरने से मकानों की नींव तक पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है, जिससे घरों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मकान को क्षति पहुंचती है, तो इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन या पीडब्ल्यू विभाग की होगी। दीवार गिरने के बाद इलाके में डर का माहौल है। कई घर इस बाउंड्री वॉल से सटे हुए हैं, जिससे लोगों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और अधिक जोखिम भरी बनी हुई है। प्रशासन ने दिया आश्वासन सिविल अस्पताल की डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि दीवार गिरने की सूचना उन्हें मिल चुकी है। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले भी शिकायत आई थी। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही बाउंड्री वॉल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी, ताकि किसी प्रकार का नुकसान न हो। उधर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन कार्रवाई करता, तो यह स्थिति नहीं बनती। अब वे न केवल जल्द मरम्मत की मांग कर रहे हैं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जा सके।
यमुनानगर सिविल अस्पताल की गिरी दीवार:धमाके से टूटी पड़ोसियों की नींद, बोले- अधिकारियों को पहले ही दी थी चेतावनी
