ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को गोरखपुर से गोविष्टि यात्रा शुरू की। उन्होंने कहा, यात्रा शुरू करने से पहले मुझे कई तरह की धमकियां मिलीं। कुछ लोग कह रहे थे कि मुझे मारा जा सकता है। मगर मैं किसी भी तरह के डर से पीछे हटने वाला नहीं हूं। शंकराचार्य ने कहा, किसी के माई के लाल में हिम्मत नहीं है कि हमें मरवा दे। अगर कोई पार्टी ऐसा करने की कोशिश करेगी, तो वह सत्ता से बेदखल हो जाएगी। उन्होंने कहा, गोरखपुर की जनता निडर है और वह सच्चाई के साथ खड़ी है। कुछ शक्तियां इस आवाज को दबाना चाहती हैं। इस सरकार में इंजन ही इंजन है। डिब्बे नहीं हैं। शंकराचार्य ने गोरखपुर से 81 दिन की गो सेवा यात्रा शुरू की है। कार्यक्रम की शुरुआत सहारा एस्टेट स्थित भारत माता मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई। शंकराचार्य को प्रशासन ने 29 शर्तों के साथ कार्यक्रम की परमीशन दी थी। अविमुक्तेश्वरानंद बोले- हम यहां योगी आदित्यनाथ के लिए नहीं आए
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- हम यहां योगी आदित्यनाथ के लिए नहीं आए हैं। गोरक्षा के नाम पर इस जगह का नाम है। गुरू गोरखनाथ की तपोस्थली है, इसलिए हम यहां से यात्रा शुरू कर रहे हैं। केवल उन्हें जानकारी देनी होती तो हम प्रदेश के किसी जिले में करते उन तक जानकारी पहुंच ही जाती। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गायों के संरक्षण को बढ़ावा देना और गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए जनजागरण करना है। क्या है गोविष्टि यात्रा का उद्देश्य?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि गोविष्टि यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश में गाय की रक्षा करना है। उसके सम्मान को लेकर जनजागरण करना है। गाय केवल एक पशु नहीं है। बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का आधार है। गाय को हम माता कहकर पुकारते हैं। मगर उसे सम्मान नहीं दिया जा रहा है। इस यात्रा के जरिये हम गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। गोरक्षा को जनआंदोलन बनाएंगे। यात्रा के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद रोजाना 5 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेंगे। वे अपने रथ से ही लोगों को संबोधित करेंगे। यात्रा रोज सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। यह यात्रा प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगी और 23 जुलाई को गोरखपुर में ही समापन होगा, जहां एक बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी। जिला प्रशासन ने सहारा एस्टेट में कार्यक्रम के लिए 29 शर्तों के साथ अनुमति दी है। ……………………….. ये खबर भी पढ़िए- शंकराचार्य से मिलने पहुंचे अखिलेश, जमीन पर बैठे दिखे:लखनऊ में एक घंटे बातचीत की, बोले- नकली संत अब बेनकाब होंगे
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से गुरुवार को मुलाकात की। एक घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान अखिलेश जमीन पर बैठे नजर आए। बाहर निकलने पर अखिलेश ने मीडियाकर्मियों से कहा- शंकराचार्य से मिलकर आ रहा हूं। उनके आशीर्वाद से अब नकली संतों का अंत होगा। अब वे लोग भी बेनकाब होंगे, जो धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं। सबका सच सामने आएगा। शंकराचार्य ने भी मीडिया से बात की। पढ़ें पूरी खबर
शंकराचार्य बोले- हमें कोई मरवा दे, किसी में हिम्मत नहीं:गोरखपुर गोविष्टि यात्रा से पहले धमकियां मिलीं; मैं पीछे हटने वाला नहीं
