जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज पलटने से तमिलनाडु के एक ही परिवार के कई सदस्य डूब गए। परिवार के 7 सदस्यों में से केवल 10 साल का पूवीथरन और उसकी 12 साल की कजन ही सुरक्षित बच पाए हैं। अब तक तीन शव बरामद हो चुके हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। कामराज (मूल निवासी त्रिची, तमिलनाडु) जबलपुर की आयुध निर्माणी में मशीनिस्ट के पद पर थे। यहां पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। तमिलनाडु से उनके सास-ससुर, छोटे भाई, साली और अन्य परिजन आए हुए थे। इसलिए उन्होंने छुट्टी ले ली थी। गुरुवार यानी 30 अप्रैल को सभी लोग घूमने निकले। दोपहर में वे भेड़ाघाट गए। वहां रोप-वे का आनंद लेने के बाद करीब 3:30 बजे बरगी डैम रिजॉर्ट पहुंचे। दैनिक भास्कर ने हादसे में बचे 10 साल के पूवीथरन से बात की। जानिए, उस भयावह मंजर की पूरी कहानी… ‘एक अंकल आए, उन्होंने रस्सी फेंककर जान बचाई’ हादसे में बचे 10 वर्षीय पूवीथरन ने उस डरावने मंजर को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में मौसम बिलकुल साफ था। क्रूज पर एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया गया। वापस लौटते समय तेज हवाएं चलने लगीं और लहरें बेकाबू हो गईं। पूवीथरन के मुताबिक, क्रूज पर केवल बच्चों ने लाइफ जैकेट पहनी थी। जब क्रूज बुरी तरह हिलने लगा, तब बाकी लोगों ने जैकेट पहनना शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। क्रूज पलटने के बाद मैं लहरों से लड़ते हुए किनारे की ओर आ रहा था, तभी एक व्यक्ति ने रस्सी फेंककर उसकी जान बचाई। पूवीथरन नाना-नानी के साथ त्रिची गया हादसे के बाद पूवीथरन के पिता, छोटे भाई और मामा के बेटे का कुछ पता नहीं चल पाया है। शनिवार को परिवार के काकुलाझी और सौभाग्यम के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंप दिए गए हैं। जिला प्रशासन की मदद से दोनों शव को कार्गों विमान से तमिलनाडु स्थित उनके गृह ग्राम भिजवाया गया। नाना-नानी के साथ 10 साल का पूवीथरन भी बिन मां-बाप के त्रिची चला गया है। रीजनल मैनेजर बोले- नियमानुसार चल रहा था क्रूज हादसे के बाद मुख्यालय अटैच हुए पर्यटन विभाग के रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा ने सफाई दी। उनका कहना है कि सब कुछ नियमानुसार चल रहा था। 5 बजकर 25 मिनट पर क्रूज निकला। ठीक रास्ते से जब वापस आ रहा था, तभी 6 बजकर 10 मिनट पर एकदम से तूफान आया। लहरें तेजी से उठने लगीं। कैप्टन ने क्रूज किनारे लगाने की बहुत कोशिश की, पर वह सफल नहीं हो पाए। रीजनल मैनेजर ने क्रू में बैठे लोगों की बातों को झुठलाते हुए दावा किया कि क्रूज में जितने भी लोग बैठे थे, सभी ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। घटना की जानकारी मिलते ही मिनी क्रूज, बोट को फौरन घटना स्थल भेजा गया। लहरें तेज होने के कारण क्रूज कंट्रोल नहीं हो पाया। संजय मल्होत्रा के मुताबिक, क्रूज चला रहे कैप्टन पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं। वे 10 साल से यही क्रूज चला रहे थे। 2023 के बाद नहीं हुआ क्रूज का फिटनेस टेस्ट क्रूज का फिटनेस अंतिम बार कब हुआ था, इसकी जानकारी आरएम संजय मल्होत्रा को नहीं है। हमने जब उनसे सवाल पूछा तो उनका कहना था कि यह देखकर बताया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि 30 अप्रैल को जो क्रूज पानी में डूबा, उसकी अंतिम बार 2023 में फिटनेस जांच कराई गई थी। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… जबलपुर क्रूज हादसा: एनडीआरएफ ने दो बच्चों के शव निकाले: अब तक 11 मौतें, दो लापता मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में शनिवार को रेस्क्यू के दौरान दो बच्चों के शव बरामद किए गए। इनमें श्रीतमिल (5) पिता कामराज और विराज सोनी (5) शामिल हैं। इसके साथ ही हादसे में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 11 हो गया है, जबकि अब भी कामराज और उनका भतीजा मयूरन लापता हैं। पढ़ें पूरी खबर… बरगी में क्रूज पर बैठक, अफसर बिना लाइफ जैकेट बैठे बरगी हादसे के बाद अब एक वायरल वीडियो ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में जिला पंचायत के अधिकारी और जनप्रतिनिधि क्रूज पर बैठक करते नजर आ रहे हैं, लेकिन किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी है। यह वीडियो 10 अप्रैल का है, जब जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक उसी क्रूज पर आयोजित की गई थी। पढ़ें पूरी खबर…
जबलपुर क्रूज हादसा- एक परिवार के 2 बच्चे बचे:3 परिजन के शव मिले, 2 लापता; 10-वर्षीय पूवीथरन कुछ दूर तैरा, रस्सी के सहारे बचाया
