सपा सरकार में पहली पोस्टिंग, योगी राज में एनकाउंटर किए:बंगाल में TMC कैंडिडेट को चेतावनी दी, IPS अजय पाल शर्मा की कहानी

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IPS अजय पाल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बंगाल चुनाव में ऑब्जर्वर बनाए गए अजय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कैंडिडेट को हड़काने को लेकर विवादों में हैं। उनके खिलाफ पूरा विपक्ष एक हो गया है। अखिलेश यादव ने कहा- समय आने पर ऐसे अफसर खोजकर लाए जाएंगे और सजा पाएंगे। वहीं, TMC ने चुनाव के बाद अजय के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी है। लेकिन, यह पहला मौका नहीं है, जब अजय पाल शर्मा विवादों में घिरे हों। उन पर भ्रष्टाचार, सुबूत मिटाने और धमकी देने के आरोप भी लग चुके हैं। पूरी कहानी शुरू से समझते हैं… आजम खान पर दर्ज किया था मुर्गी चोरी का केस बतौर पुलिस कप्तान (SP) अजय पाल शर्मा को पहली पोस्टिंग सपा सरकार में मिली थी। फरवरी, 2016 में उन्हें हाथरस का SP बनाया गया था। करीब 8 महीने बाद अक्टूबर में उनकी तैनाती शामली जिले में कर दी गई। 2017 में योगी सरकार बनी तो अजय पाल शर्मा ने एक के बाद एक कई एनकाउंटर किए। इसके बाद उन्हें नोएडा जैसे बड़े जिले की कमान सौंपी गई। बस यहीं से शुरू हुआ विवादों का दौर अभी तक थमा नहीं है। कॉल सेंटर संचालक से 80 लाख रुपए की रिश्वत के आरोप लगे। कई एनकाउंटर पर सवाल उठे। एक महिला पत्रकार ने फर्जी केस में फंसाने और धोखाधड़ी के आरोप लगाए। मामले की शिकायत सीएम योगी तक पहुंची। इसके बाद एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने अजय को कड़ी फटकार लगाई। कुछ दिन बाद उन्हें नोएडा से हटाकर रामपुर भेज दिया गया। अजय के रामपुर SP रहते ही सपा के कद्दावर नेता आजम खान और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा पर मुर्गी चोरी, बकरी चोरी और 10 हजार रुपए की लूट के मुकदमे लिखे गए। सीनियर ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में पैसों के लेन-देन के आरोप लगाए रामपुर में पोस्टिंग के दौरान जनवरी, 2020 में अजय पाल शर्मा पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगा। नोएडा के तब के SSP (सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस) वैभव कृष्ण ने मुख्यमंत्री और डीजीपी को एक रिपोर्ट भेजी। इसमें अजय पाल शर्मा समेत पांच IPS अधिकारियों पर ट्रांसफर-पोस्टिंग के बदले पैसे के लेन-देन के आरोप लगाया गया। इसमें अजय पाल शर्मा के अलावा हिमांशु कुमार, गणेश साहा, राजीव नारायण मिश्रा और सुधीर कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। इन पर प्राइम पोस्टिंग के लिए सौदा करने का आरोप था। इसके सबूत भी दिए गए थे। इसके बाद वैभव कृष्ण और अजय पाल शर्मा दोनों को उनके जिलों से हटा दिया गया। पद से हटाए जाने के बाद अजय को कुछ समय के लिए डीजीपी हेडक्वॉर्टर में अटैच कर दिया गया। फिर उनकी पोस्टिंग उन्नाव के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC) में कर दी गई। महिला ने किया पत्नी होने का दावा मामले की जांच के लिए यूपी सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद अजय पाल शर्मा के खिलाफ मेरठ के विजिलेंस थाने में FIR दर्ज की गई। इसी दौरान एक महिला वकील दीप्ति शर्मा ने अजय पाल शर्मा की पत्नी होने का दावा किया। उसने दावा किया कि अजय ने 2016 में उसके साथ रजिस्टर्ड मैरिज की। बाद में कुछ वजहों से दोनों के रिश्ते खराब हो गए। 2019 में फोन पर अजय से उनका झगड़ा हुआ था। दीप्ति ने आरोप लगाया था कि इसके बाद सितंबर, 2019 में रामपुर पुलिस के कुछ लोग गाजियाबाद में उनके घर आए थे। वे लोग लैपटॉप और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) उठा ले गए थे। उन्होंने इसकी शिकायत DIG मेरठ रेंज से की थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कराया गया था। दीप्ति का कहना था कि जेल में रहने के दौरान उन पर धोखाधड़ी, आईटी एक्ट समेत कई केस दर्ज किए गए। पूरे मामले की जांच के लिए दीप्ति ने तब के विशेष सचिव (गृह) डॉ. अनिल कुमार सिंह को अर्जी दी। विशेष सचिव के निर्देश पर मार्च, 2020 में लखनऊ के हजरतगंज थाने में अजय पाल शर्मा और अन्य के खिलाफ गबन, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया। इसकी जांच के लिए एक अलग SIT बनाई गई। अब जानिए इन मामलों में क्या हुआ… 1. कैश फॉर पोस्टिंग केस फरवरी, 2023 में SIT की क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने अजय पाल शर्मा को क्लीनचिट दे दी थी। रिपोर्ट के कहा गया कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के बदले पैसे के लेन-देन का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। न ही इसका कोई गवाह सामने आया। अजय की संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच हुई। उनकी आय और संपत्तियों के बीच कोई ऐसा अंतर नहीं पाया गया, जिसे ‘अवैध कमाई’ की श्रेणी में रखा जा सके। 2. दीप्ति शर्मा मैरिज केस शुरुआत में दोनों SIT ने अलग-अलग जांच की, लेकिन बाद में मामलों की प्रकृति के कारण जांच एक-दूसरे से जुड़ गई। फरवरी, 2023 की क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर ही आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने की धाराओं में दर्ज केस में भी क्लीनचिट मिल गई। शादी से जुड़े आरोपों में दीप्ति शर्मा के दावे और रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज सरकारी रिकॉर्ड से मैच नहीं हुए। मैरिज रजिस्ट्रार ने लिखित में दिया कि उनके कार्यालय में ऐसी कोई शादी कभी रजिस्टर ही नहीं हुई। वहीं, सबूत मिटाने के आरोप में फोरेंसिक और टेक्निकल जांच में किसी भी तरह की छेड़खानी के सबूत नहीं मिले। अब जानिए पश्चिम बंगाल में क्या हुआ… TMC प्रत्याशी के घर दी दबिश, वीडियो वायरल हुआ अजय पाल शर्मा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ऑब्जर्वर बनाकर भेजे गए हैं। उन्हें 24 परगना जिले की जिम्मेदारी दी गई है। ये ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है। सेकेंड फेज की वोटिंग से पहले जिले की फलता सीट पर TMC उम्मीदवार जहांगीर खान पर वोटर्स को डराने और आईडी कार्ड छीनने के आरोप लगे। इस पर अजय ने 27 अप्रैल को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के साथ जहांगीर के घर दबिश दी। हालांकि, जहांगीर घर पर मौजूद नहीं थे। वहां अजय ने जहांगीर के समर्थकों से कहा- अगर किसी ने बदमाशी की तो उसका कायदे से इलाज किया जाएगा। अगर कहीं से खबर आ गई, किसी ने कोई खुराफात की है, किसी को परेशान करने की कोशिश की है, तो हम अच्छे से उसकी खबर लेंगे। इसके बाद जहांगीर के घरवालों की तरफ देखते हुए बोले- उसको बता देना कायदे से… ये जो बार-बार खबरें आ रही हैं कि उसके लोग धमका रहे हैं, तो फिर अच्छे से खबर लेंगे। फिर बाद में रोना-पछताना मत। इस कार्रवाई का वीडियो वायरल हो गया। अखिलेश और महुआ की सोशल मीडिया पोस्ट इस कार्रवाई का एक वीडियो अखिलेश यादव ने उसी दिन एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- भाजपा ऑब्जर्वर के नाम पर रामपुर, संभल में टेस्ट किए अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी। सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों की गहरी जांच होगी और बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी। अगले दिन 28 अप्रैल को TMC की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने 2 वीडियो शेयर किए। दावा किया कि अजय बार डांसर्स के साथ नाचते नजर आ रहे हैं। महुआ ने अजय को ‘फेयर एंड लवली बबुआ’ कहा। उन्होंने अंग्रेजी में अपनी पोस्ट में लिखा- फेयर एंड लवली बबुआ, आपको फैंटाकॉप स्टाइल में मस्ती करते देखकर अच्छा लगा। इसी दिन यानी 28 अप्रैल को ही TMC ने अजय पाल शर्मा पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट में लगा दी। कोर्ट ने तुरंत सुनवाई करते हुए कहा- चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी के खिलाफ 29 अप्रैल (वोटिंग के दूसरे चरण) तक कोई आदेश नहीं देंगे। फैसला आने के बाद TMC ने देर रात ई-फाइल के जरिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। अब तक सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई नहीं की है। इस बीच, 29 अप्रैल को बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग हो चुकी है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… दुनिया के तपते रेगिस्तानों से भी गर्म यूपी का बांदा, अमेरिका की डेथ वैली का 57, लुत मरुस्थल का पारा 71 डिग्री तक पहुंचा था.. अब ये कितने गर्म यूपी के बांदा की चर्चा इन दिनों देश-दुनिया में है। कारण है, भीषण गर्मी। 27 अप्रैल को यहां का तापमान 47.6°C तक पहुंच गया। इस दिन यह दुनिया का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। सवाल उठा कि दुनिया में भीषण तपने वाले रेगिस्तानों से भी यह गर्म है? अगर हां, तो वहां का तापमान कितना है? पूरी खबर पढ़ें…