गुरुग्राम में सीनियर-डिप्टी मेयर लॉबिंग के लिए एक दिन:सदन में भाजपा का बहुमत; राव इंद्रजीत और मंत्री नरबीर समर्थकों की खींचतान बनी चुनौती

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गुरुग्राम में नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के बहुप्रतीक्षित चुनाव को लेकर लंबे इंतजार के बाद सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के समय और चुनाव की तारीख के बीच के बेहद कम अंतराल से पार्षदों के बीच हलचल बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि पार्षदों को इन पदों के लिए लॉबिंग करने और अपनी गोटियां फिट करने के लिए महज एक दिन का समय मिला है। चुनाव की अधिसूचना 28 अप्रैल की शाम को जारी की गई, जबकि चुनाव प्रक्रिया 30 अप्रैल की सुबह शुरू होने वाली है। ऐसे में 29 अप्रैल का दिन ही एकमात्र ऐसा समय है जब संभावित उम्मीदवार और दिग्गज नेता अपनी रणनीतियां बना सकेंगे। अचानक हुई इस घोषणा से राजनीतिक गलियारों में ‘शक्ति प्रदर्शन’ और ‘जोड़-तोड़’ का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के पास बहुमत, लेकिन आंतरिक खींचतान चुनौती
नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है, जिससे तकनीकी रूप से भाजपा की जीत तय मानी जा रही है। लेकिन असली चुनौती पार्टी के भीतर की गुटबाजी है। इन दोनों अहम पदों को लेकर पार्टी दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है। एक तरफ केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का खेमा है, जो गुरुग्राम की राजनीति में अपना मजबूत दखल रखते हैं। दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के समर्थकों का गुट है। दोनों ही दिग्गज नेता अपने-अपने करीबी पार्षदों को इन मलाईदार पदों पर आसीन कराना चाहते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा के भीतर की यह ‘अंदरूनी खींचतान’ चुनाव के नतीजों और संगठन की एकता के लिए बड़ी परीक्षा साबित होगी। वर्चस्व की लड़ाई राव इंद्रजीत और राव नरबीर के बीच का पुराना राजनीतिक मुकाबला एक बार फिर निगम चुनाव के बहाने आमने-सामने है। भाजपा नेतृत्व की कोशिश है कि आपसी सहमति से नाम तय किए जाएं ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की गुटबाजी सामने न आए और ‘क्रॉस वोटिंग’ जैसी स्थिति से बचा जा सके। जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश
सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के चयन में जातीय समीकरणों का भी बड़ा रोल रहने वाला है। गुरुग्राम की डेमोग्राफी को देखते हुए भाजपा आलाकमान को ऐसे चेहरों का चुनाव करना होगा जिससे शहर के विभिन्न वर्गों में सकारात्मक संदेश जाए। राव इंद्रजीत और राव नरबीर के बीच शक्ति संतुलन बनाए रखना मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व के लिए भी टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। शॉर्ट-नोटिस’ लॉबिंग
30 अप्रैल की सुबह जैसे ही चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी, पार्षदों की निष्ठा और गुटबाजी की तस्वीर साफ हो जाएगी। जिला प्रशासन ने चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। एक दिन की ‘शॉर्ट-नोटिस’ लॉबिंग में पार्षद जुटे हुए हैं। पिछले साल अगस्त में टल गए थे चुनाव
गुरुग्राम नगर निगम (MCG) के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए पिछले साल 8 अगस्त को अधिसूचना जारी की गई थी। 11 अगस्त को चुनाव की तारीख थी, लेकिन ऐन वक्त पर 10 अगस्त को चुनाव टाल दिए गए थे। उस समय MCG कमिश्नर प्रदीप दहिया ने बिना किसी वजह के सिर्फ इतना कहा था कि चुनाव अगले आदेश तक रद्द रहेंगे। बागी बिगाड़ सकते हैं खेल हालांकि, टिकट न मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़कर जीते पार्षद भाजपा का खेल बिगाड़ सकते हैं। इनमें से अधिकतर बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता हैं। मानेसर में अंतिम समय में मेयर और उनके समर्थक पार्षदों के न पहुंचने से चुनाव एकतरफा हो गया था, लेकिन गुरुग्राम में ऐसा होना मुश्किल लग रहा है। इसलिए महत्वपूर्ण है दो पदों का चुनाव यह चुनाव गुरुग्राम के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद न केवल नीतियों को लागू करने में सहायता करते हैं, बल्कि सड़क निर्माण, साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। नए नेतृत्व से शहर की लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी और समस्याओं का त्वरित समाधान होगा। चुनाव का शेड्यूल तारीख: 30 अप्रैल 2026 समय: सुबह 11:00 बजे स्थान: कॉन्फ्रेंस हॉल, हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (HIPA) अध्यक्षता: राजरानी मल्होत्रा, मेयर उपस्थित: सांसद राव इंद्रजीत सिंह, विधायक राव नरबीर सिंह, विधायक मुकेश शर्मा, विधायक बिमला चौधरी और विधायक तेजपाल तंवर को भी सूचना भेजी गई है।