Old Dehradun Summer Memories: भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच आज का देहरादून अपने पुराने स्वरूप से बिल्कुल अलग नजर आता है. एक दौर था जब यहां का तापमान इतना संतुलित रहता था कि गर्मियों के चरम पर भी घरों में पंखे चलाने की नौबत नहीं आती थी. शहर के बुजुर्ग रौनकी सिंह उन दिनों को याद करते हुए बताया कि उन दिनों लीची और आम के बागों से छनकर आने वाली हवा कमरों को कुदरती तौर पर ठंडा रखती थी. उस जमाने में महज डेढ़ रुपये के बस किराए में दोस्त मिलकर सहस्त्रधारा पिकनिक मनाने निकल जाते थे. आज कंक्रीट की ऊंची इमारतों और एसी-कूलर की मजबूरी के बीच देहरादून का वो सुहावना और सस्ता बचपन अब केवल यादों का हिस्सा बनकर रह गया है.
36°C की गर्मी में आज बेहाल है देहरादून…लेकिन एक वक्त था जब बिना पंखे के भी सुकून से कटती थीं रातें!
